Supercharger or Turbocharger |Which is better 1

Supercharger and Turbocharger

Supercharger

Supercharger एक Air pump होता है ,जो :
इंजन में प्रवेश करने वाली हवा को दबाता है एवं हवा को उच्च दाब पर इंजन सिलेंडर में भेजता है । Supercharger का मुख्य कार्य इंजन में इंटेक की जाने वाली हवा की मात्रा को बढ़ाना ।
हवा का दाब बढ़ने से :
हवा का घनत्व बढ़ता है, जिससे हवा की मात्रा बढ़ती है ।
जिससे इंजन की वॉल्यूमैट्रिक efficiency बढ़ती है, जिससे ज्यादा ईंधन जलता है और इंजन में ज्यादा power उत्पन्न होती है ।

Supercharger को इंजन के क्रैंक शाफ्ट से, बेल्ट या चैन द्वारा drive मिलती है ।

Types of Supercharger

Centrifugal Supercharger

Supercharger मुख्यतः निम्न प्रकार के होते हैं :
(1) Centrifugal Supercharger
इसमें Impeller प्रकार के pump का प्रयोग होता है ।

(2) Piston Supercharger
इसमें Piston Pump का प्रयोग होता है ।

Root-air-blower Supercharger

(3) Root-air-blower Supercharger
इसमें lobe type pump का प्रयोग होता है ।

(4) Vane Supercharger
इसमें Rotor type pump का प्रयोग होता है ।

Vane Supercharger

Supercharger की कमियाँ

Supercharger के कारण वायु-ईधन का मिश्रण अधिक हो जाने से , compression ratio बढ़ जाता है एवं सिलेंडर में वायु का दाब व तापमान बढ़ जाने से इंजन Knocking की समस्या उत्पन्न हो सकती है ।
Supercharger को चलाने के लिए इंजन की ही शक्ति का प्रयोग किया जाता है , जिससे इंजन की कुछ शक्ति Super Charger को चलाने में बर्बाद हो जाती है ।

Supercharger की इसी समस्या के समाधान के लिए अब Supercharger के स्थान पर Turbocharger का प्रयोग किया जाता है ।

Turbocharger

Turbocharger

Turbocharger भी एक Air-pump होता है , जो
इंजन में प्रवेश करने वाली हवा को दबाता है एवं हवा को उच्च दाब पर इंजन सिलेंडर में भेजता है । इससे इंजन की कार्यक्षमता बढ़ जाती है। Turbocharger को इंजन की एग्ज़ॉस्ट गैसों से चलाया जाता है ।
हवा का दाब बढ़ने से :
हवा का घनत्व बढ़ता है, जिससे हवा की मात्रा बढ़ती है ।
जिससे इंजन की वॉल्यूमैट्रिक efficiency बढ़ती है, जिससे ज्यादा ईंधन जलता है और इंजन में ज्यादा power उत्पन्न होती है ।

Turbo Charger में 2 wheel होते हैं :
(1) Turbine Wheel
(2) Compressor Wheel

Turbocharger

यह दोनों wheel एक ही शाफ्ट पर स्थिति होते हैं , अगर एक wheel को घुमाया जाए तो दूसरा wheel भी घूमेगा ।

Turbocharger


यह दोनों wheel दो अलग-अलग housing में बंद होते हैं :
जिस housing में Turbine Wheel होता है उसे ‘Turbine housing’ कहते हैं एवं जिस housing में Compressor Wheel होता है उसे ‘Compressor housing’ कहते हैं ।
Turbine housing का सम्बन्ध एग्ज़ॉस्ट मैनीफोल्ड से होता है । Turbine housing के इनलेट के द्वारा , एग्ज़ॉस्ट गैसें Turbine housing में पहुँचती हैं एवं Turbine wheel को घुमाती हैं ।

Turbocharger

Turbine wheel के घूमने से Compressor Wheel भी घूमने लगता है । Compressor Wheel घूमकर शुध्द हवा को वायुमंडल या air cleaner से खींचता है एवं हवा को दबाता है जिससे हवा का प्रेशर बढ़ जाता है । इस उच्च दाब वाली हवा को Compressor housing के आउटलेट के द्वारा इंजन के इनलेट मैनीफोल्ड को भेज दिया जाता है, जिससे इंजन सिलेंडर में प्रवेश करने वाली हवा की मात्रा बढ़ जाती है ।

Turbocharger

Turbocharger के लाभ

Turbocharger का सबसे बड़ा लाभ यह है कि, इसे चलाने के लिए इंजन की waste power का प्रयोग किया जाता है ।
इंजन में उत्पन्न power, जो heat energy के रूप में एग्ज़ॉस्ट गैसों के साथ बाहर निकल जाती है, उस power के कुछ भाग का प्रयोग Turbocharger को चलाने में किया जाता है ।

Turbocharger निर्माता

ABB Turbo Systems
BorgWarner Turbo Systems
Bosch Mahle Turbo Systems (Joint Venture of Bosch and Mahle)
Caterpillar
Cummins Turbo Technologies (Holset)
Hitachi Warner Turbo Systems (Joint Venture of Hitachi and BorgWarner)
Honeywell Turbo Technologies (Garrett)
IHI
Komatsu
Kompressorenbau Bannewitz (KBB)
Man Diesel
Mitsubishi
NAPIER Turbochargers
Pierburg
Voith Turbo

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