spring | work and Types

spring

spring एक यांत्रिक युक्ति है जो प्रत्यास्थ उर्जा के भण्डारण के काम आती है । spring में Elasticity का गुण भी है जब हम इस पर load लगाते हैं तब ये deflect हो जाती है और जब इस पर से load को हटा दिया जाता है, तब ये अपने पहले वाले वास्तविक अवस्था में वापस आ जाती है।

spring

spring से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

स्प्रिंग का deflect होना और पुनः अपने वास्तविक Shape में आ जाना applied load पर निर्भर करता है।
स्प्रिंग में Permanent deformation नहीं होता है अर्थात स्प्रिंग में हमेशा रहने वाला deformation नहीं होता है ।
स्प्रिंग को हम किसी भी दो member के बीच में उसके उपयोग और कार्य के अनुसार लगाते हैं।
स्प्रिंग का एक मुख्य कार्य Energy Store करना भी होता है, स्प्रिंग अपने अंदर Energy को Potential Energy के रूप में store करती है, इसे हम Strain energy भी कहते हैं।

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स्प्रिंग के प्रकार

स्प्रिंग कई प्रकार कि होती है। कुछ महत्वपूर्ण प्रकार निम्न हैं –
Helical spring
हेलिकल स्प्रिंग एक मैकेनिकल device है। हेलिकल स्प्रिंग एक Wire से बनी हुई रहती है और इसमें जो Wire का इस्तेमाल किया जाता है स्प्रिंग को बनाने के लिए वो Wire Coiled रहता है Helix के रूप में।यह स्प्रिंग Energy को स्टोर करती है और ये Tensile और Compressive load को हैंडल करने में मदद करती है। ये स्प्रिंग Shock को भी absorb करती है।

Conical and Volute spring
यह स्प्रिंग कोनिकल Shape की होती है और इसको हम Compression spring भी कहते हैं। कोनिकल स्प्रिंग की Pitch समान होती है जबकि Volute स्प्रिंग की Pitch Paraboloid होती है और Constant भी होती है । इसका lead angle भी Constant होता है। Conical और Volute Spring के ऊपर जब भी load पड़ता है तो इनका size बहुत छोटा हो जाता है।

Torsion spring
यह स्प्रिंग Mechanical energy को स्टोर करता है जब इसके ऊपर Twisting force लगाया जाता है। यह स्प्रिंग Helical और Spiral Shape की भी हो सकती है इस स्प्रिंग का उपयोग हम वहाँ करते हैं जहाँ हमको Twisting moment चाहिए हो।

Laminated and leaf spring
यह स्प्रिंग ज्यादातर automobile suspension में उपयोग की जाती है । और इसके अलावा इसका उपयोग electrical switches और bows में भी किया जाता है।इस स्प्रिंग में कई सारी flat plates होती है और इन flat plates को हम लीफस कहते हैं। और इन लीफस की length अलग-अलग होती है। और ये लीफस आपस में Clamps और Bolts की मदद से जोड़ी रहती हैं।

Disc spring
Disc spring को ज्यादातर bolts पर Tension लगाने के लिए उपयोग किया जाता है। जैसे कि इसके नाम पर जाएं तो यह डिस्क Shape की spring होती है। इस स्प्रिंग का उपयोग उच्च Compressive load को सहन करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है।

Compression spring
जैसा कि इनके नाम से हि पता लगाया जा सकता है कि इन स्प्रिंग का उपयोग हम वहाँ करते हैं जहाँ Compressive load लगाया जाता हो।कम्प्रेशन स्प्रिंग के ऊपर जब भी हम Compressive load लगाते हैं, तब इनकी जो length है वो कम हो जाती है मतलब स्प्रिंग Contracts और Compress होती है।

Extension spring
इस स्प्रिंग कि जो Rings होती है वो बहुत Closely Coiled होती है। मतलब इस स्प्रिंग में जो Rings बनी होती है Coiled के समान , वो आपस में बहुत पास होते हैं। जब भी हम इस स्प्रिंग में Pulling force लगाते हैं इनकी length की दिशा में, तब ये स्प्रिंग उस बल का विरोध करती है।

स्प्रिंग के उपयोग

स्प्रिंग को हम अपनी आवश्यकतानुसार उपयोग में लाते हैं। Cars और railway buffers में स्प्रिंग का उपयोग Shocks और Vibrations को absorb करने में भी किया जाता है।

स्प्रिंग का उपयोग Brakes और Clutches में भी किया जाता है forces को लगाने और उनके motion को Control करने के लिए।
स्प्रिंग का उपयोग स्प्रिंग बैलेंस में भी forces को मापने के लिए किया जाता है।

स्प्रिंग का उपयोग Watches और Toys में भी किया जाता है ,Toys और Watches में स्प्रिंग energy को स्टोर करने का काम करती है।

Cams और Followers का Motion Control करनें में भी स्प्रिंग का उपयोग किया जाता है , यह दो elements के बीच में सम्बंध को बनाए रखती है।

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