Work and use of milling machine | The milling machine was first invented in France in 1770

Milling Machine

Milling Machine एक Versatile मशीन टूल है। जिसके द्वारा अनेक प्रकार की संक्रियायें घूमने वाले Multi Point Cutter की सहायता से की जाती है । यह कटर मिलिंग मशीन Spindle के ऊपर Arbor, Adaptor या Collet Chuck से पकड़कर चलाये जाते हैं। और घूमते हुए कटर के नीचे जॉब को गुजार कर उसके तलों आदि का निर्माण किया जाता है। यह कटर भिन्न-भिन्न साइज व आकार में निर्मित किये जाते हैं। जिनके द्वारा हर प्रकार का कार्य करना आसान हो जाता है।
मिलिंग एक प्रकार की प्रक्रिया है , जो मिलिंग मशीन पर परफॉर्म की जाती है।

Horizontal milling machine

Milling Machine में मिलिंग कटर का उपयोग किया जाता है मटेरियल को रिमूव करने के लिए work piece पर से , मिलिंग मशीन में मिलिंग कटर Rotate करते हुए मटेरियल को रिमूव करता हैं।
मिलिंग मशीन से कई Operations किये जाते हैं और मिलिंग मशीन और कई functions भी परफॉर्म करती है।
मिलिंग Operation किसी भी प्रकार के objects पर किया जा सकता है इसमें हम छोटे और बड़े दोनों objects को उपयोग में ले सकते हैं। मतलब मिलिंग मशीन के उपयोग से हम मिलिंग Operation किसी भी छोटे या बड़े objects पर कर सकते हैं या किया जा सकता है।

Milling एक बहुत ही Common Manufacturing प्रक्रिया है, जो Machinery Shops और Industries में उपयोग की जाती हैं High Precision Products और Parts को बनाने के लिए।
मिलिंग मशीन से बनने वाले Products अलग – अलग Size और Shapes के होते हैं।
मिलिंग मशीन को Multi Purpose मशीन भी कहा जाता है क्योंकि मिलिंग मशीन Material कि Milling और Turning दोनों Operations को Work Piece पर करनें में समर्थ होती है ।
Milling Machine में Operation को करनें के लिए जो कटर का उपयोग किया जाता है वो Multi – Point Cutting tool होता है। मिलिंग मशीन कि Metal Removal Rate दूसरी मशीन की तुलना में Faster होती है ।

Milling Machine का इतिहास

मिलिंग मशीन का सर्वप्रथम आविष्कार 1770 ई० में फ्रांस में हुआ था। फिर इस मशीन का विकास Jock D. Baukanson ने 1782 में किया । इसके पश्चात् Plane Milling Machine का डिजाइन Alibit ने 1818 में तैयार किया । इस मशीन का सही प्रयोग करने के लिए भिन्न-भिन्न प्रकार के Cutters, Cutting एवं Feed Speed का सम्पूर्ण परिचय कराया और यह सिद्ध किया कि यह मशीन भी Lathe Machines की तरह कटाई के लिए प्रयोग की जाती है तथा Mass Production कार्यों के लिए यह मशीन उपयोगी है । तथा मेटल कटिंग के लिए Shaper Machine एवं Planer Machine आदि मशीनों की अपेक्षा अधिक उपयोगी है । सन् 1861 में Joseph R Brown नामक इंजीनियर ने सर्वप्रथम मिलिंग मशीन का सुधरा हुआ Design तैयार किया । यह इंजीनियर ब्राउन एण्ड शार्प कम्पनी का सदस्य था जो कि आज भी प्रसिद्ध है।

Working Principle

मिलिंग मशीन पर किसी भी वर्क को करने के लिए जॉब को मशीन टेबल पर मजबूती से क्लैंप जाता है। और कटर को आरबर अथवा स्पिण्डल में लगा दिया जाता है । कटर एक निर्धारित चाल पर घूमता है तथा जॉब को धीरे-धीरे कटर के नीचे से गुजारा जाता है। अतः जब जाॅब आगे को बढ़ते हुए कटर के सम्पर्क में आता है तो कटर के Teeth उसमें से चिप्स के रूप में मेटल को काटते हैं । टेबल पर कसे जॉब को Longitudinal, Cross-Wise तथा Vertical तीनों दिशाओं में फीड दी जा सकती है।

मिलिंग मशीन के भाग

मिलिंग मशीन के कई भाग होते हैं , इसके सभी भाग निम्न इस प्रकार है।

Base
बेस मशीन का Foundation Part होता है और बेस से सभी भाग जुड़े रहते हैं। बेस मशीन का पूरा भार अपने ही ऊपर रखता है इसलिए बेस की High Compressive Strength होनी चाहिए और यह बेस Cast iron का बना हुआ रहता है।

Column
कॉलम Vertically माउंटेड रहता है बेस पर , यह Driving Member के लिए हाउसिंग की तरह काम करता है। यह एक Hollow Member होता है जिसमें Driving गियर और कभी – कभी Motor और टेबल भी होती है।

Knee
‘ नी ’ यह एक Casting है जो Saddle और टेबल को Support करती है। सभी Gearing Mechanism Knee ‘ नी ’ के अंदर ही परिवृत्त रहते हैं। नी को सपोर्ट और एडजस्ट किया जाता है Vertical Positioning Screw कि मदद से।

Saddle
यह टेबल और नी के बीच में लगा हुआ रहता है। और यह एक Intermediate Part की तरह काम करता है टेबल और नी के बीच में। सैडल का मुख्य कार्य work – piece को Motion प्रदान करना होता है, Horizotal direction में।

Table
टेबल , सैडल के Top पर प्रजेंट रहती है। और यह Work – Piece को होल्ड रखती है। , Machining के दौरान। यह Table Cast iron की बनी रहती है और इसके ऊपर T – Slot कट बने हुए रहते हैं Work – Piece की Mounting के लिए और Clamping और Jigs और Fixtures के लिए।

Overhanging Arm
Horizontal मशीन में ओवर हैंगिंग आर्म कॉलम के ऊपर लगा हुआ रहता है। यह कॉलम Surface के ऊपर Over Hang रहता है और दूसरे end कि तरफ से Arbor को Support करता है। यह Cast Iron का बना रहता है।

Spindle
स्पिंडल एक मुख्य भाग है मशीन का जो टूल को मशीन पर सही जगह पर स्थित रखने का काम करता है। साथ ही साथ यह Arbor को भी उसकी सही जगह पर होल्ड करके रखता है मशीन पर।
Spindle मिलिंग मशीन का Moving भाग है जो Rotary मोशन करता है। इसके Front end पर Slot बने रहते हैं जोकि Cutting Tool को Fix करनें के लिए उपयोग में आते हैं।

Arbor
आर्बर मिलिंग मशीन का वो भाग है जो जरूरत पड़ने पर Spindle पर Fit किया जाता है। यह टूल को होल्ड करनें में मदद करता है साथ ही साथ Tool को सही दिशा में भी Move करता है।

Miling Head
मिलिंग हैड, मिलिंग मशीन का ऊपरी भाग होता है। और यह Spindle , Driving Motor और बाकी Controlling Mechanism से मिलकर बना हुआ रहता है।

Ram
रेम मिलिंग मशीन का वो भाग है। जो Verticle मिलिंग मशीन में Over Hanging Arm की तरह काम करता है। जिसमें Arm का एक end जुड़ा रहता है Column से और दूसरा मिलिंग हैड से।

Classification

मिलिंग मशीन का वर्गीकरण निम्न प्रकार से किया जा सकता है :

By Position of Milling Spindle

(i) Horizontal Spindle
(ii) Vertical Spindle
(iii) Horizontal and Vertical spindle

By the Number of Milling Spindles

one, two or more milling spindles !

कार्य के अनुसार मिलिंग मशीन का वर्गीकरण अनेक प्रकार से किया जाता है । मुख्य रूप से इस मशीन का चुनाव कार्य की प्रकृति के अनुसार किया जाता है तथा कार्य के साइज पर भी ध्यान दिया जाता है । सामान्यत: डिजाइन के आधार पर यह कई रूपों तथा साइजों में तैयार की जाती हैं।

डिजाइन के आधार पर

(1) Column and knee type milling machine

इस प्रकार की मिलिंग मशीन प्रायः मशीन शॉप में सबसे अधिक उपयोग की जाती है । इस मशीन की टेबल नी पर रखी होती है । यह नी Column के ऊपर बने खड़े मार्गों पर फिट किया जाता है। इस भाग को गति देने से टेबल ऊपर-नीचे विभिन्न ऊँचाइयों पर कहीं भी उठाया जा सकता है टेबल को विभिन्न गतियाँ देने वाली यन्त्रावली भी इसी भाग में फिट की होती है । स्तम्भ और नी प्रकार की मिलिंग मशीन का वर्गीकरण निम्न प्रकार से किया जाता है

(क) Hand Milling Machine
यह मिलिंग मशीन सबसे सरल टाइप की होती है तथा छोटे व सिंपल क्रियाओं को करने के लिए इस मशीन का प्रयोग किया जाती है । इस मशीन की तीनों फीड गतियाँ हाथ के द्वारा दी जाती हैं। यह मशीन विशेषकर छोटे स्लॉट, की वे, खाँचे काटने के लिए बहुत उपयोगी रहती है।

(ख) Plain Milling Machine
यह मशीन बनावट व डिजाइन में हैंड मिलिंग मशीन से अधिक मजबूत तथा बड़े साइज की होती है । इस मशीन का आरबर भी हॉरिजेंटल (Horizontal) होता है। इस मशीन को गति हाथ व स्वचालित दोनों प्रकार से दी जा सकती है।
इस मशीन का टेबल समकोण पर स्थित होता है जिससे मशीन द्वारा सभी Plain Milling Operation आसानी से की जा सकती है।

(ग) Universal Milling Machine
यह मशीन भी प्लेन मिलिंग मशीन की तरह ही होती है। परन्तु अन्तर यह है कि इस मशीन के टेबल को 0° से 45° के बीच में बायें, दायें घुमाकर कहीं भी सैट किया जा सकता है। टेबल की इस कोणिक गति के कारण Helix अर्थात् हैलिकल Gear Teeth, Slot व Groove आदि आसानी से कटिंग किए जा सकते हैं। इस मशीन की कार्य क्षमता को बहुत से Attachments के द्वारा बढ़ा दिया गया है । जैसे-Rack Cutting Attachment, Slotting Attachment), Rotory Table, Universal Vertical Milling Attachment व Index Head Attachments आदि ।

Attachments की सहायता से हर प्रकार के Gears, Cutters, Cams, Drill, Reamers, Die and Punch, Jig and Fixture तैयार किये जा सकते हैं। टूल रूम में प्रायः यही मशीन प्रयोग में लाई जाती है।

(घ) Omniversal Milling Machine
यूनिवर्सल मिलिंग मशीन के टेबल की अपेक्षा इस मशीन के टेबल को Vertical Plain में भी नीचे से ऊपर व ऊपर के नीचे किसी भी कोण पर घुमाकर बांधा जा सकता है इस प्रकार इस मशीन के टेबल को अपेक्षाकृत अधिक गति दी जा सकती है । अर्थात् पांच प्रकार की Feed Movements दी जा सकती हैं। जैसे

Longitudinal
Cros swise
Up and Down
Horizontal Angular
Vertical Angular

टेबल की इस अतिरिक्त गति की व्यवस्था के कारण Helical या Bevel Gears, Cams स्पेशल डाइज व टूल्स की Profile की Machining सरलता से की जा सकती है। यह मशीन Labs व टूल रूम में मूल रूप से प्रयोग की जा सकती है।

(ड़) Vertical Milling Machine
इस मशीन के स्पिण्डल की दिशः Vertical होती है तथा स्पिण्डल Head को दोनों ओर 0° से 90° किसी भी कोण पर घुमाकर क्लैंप जा सकता है। इस मशीन के स्पिण्डल को भी ड्रिलिंग मशीन की तरह नीचे व उपर किया जा सकता है । इस मशीन पर Drills, End Mill, Shell End Mills, Facing Cutters और कुछ इसी प्रकार के शैंक वाले कटर्स भी क्लैंप जा सकते हैं । जिनके द्वारा T-slot, Dove Tail, Segment, Grooving, Boring, Drilling, Recessing, Cam Milling, Profiling, Die Sinking इत्यादि मिलिंग संक्रियायें की जा सकती है

(च) Ram Type Milling Machine
इस मशीन में Cutter Head एक रैम के Face पर लगा होता है । जिससे कटर हैड को Vertical और Horizontal Plain में किसी भी कोण पर घुमाकर दोनों ओर सैट किया जा सकता है और रैम जिसमें Spindle लगा होता है जिसे अन्दर एवं बाहर की ओर Cross Movement (feed) दी जा सकती है । इस प्रकार की मशीन में Work-Table को Saddle पर नट बोल्ट की सहायता से Column के ऊपर बने खड़े पक्ष के मार्गों के ऊपर फिट किया होता है अर्थात् सैडल पर लगे वर्क-टेबल को लम्बाई की ओर तथा ऊपर-नीचे गति देने का भी प्रबन्ध रहता है । इस मशीन के साथ बहुत से Attachment होते हैं जिनकी सहायता से इस मशीन की कटाई संक्रियाओं को बढ़ाया जा सकता है। यह भी प्रायोगिक शॉप के लिए बड़ी उपयोगी मशीन है।

(2) Manufacturing or Fixed Bed Type Milling Machine

जैसा कि इनमें नाम से पता चलता है कि इन मशीनों के टेबल,बैड के ऊपर Fixed रहते हैं और इन्हें केवल मात्र लांगीच्यूडीनल (Attachment) दी जा सकती है अर्थात् इनके टेबल न तो ऊपर-नीचे और न ही क्रास दिशा में चल सकते हैं। इन मशीनों के बैड फिक्स होने के कारण इन पर भारी कट लगाये जा सकते हैं।

इन मशीनों में एक लम्बवत् कॉलम होता है। जिस पर स्पिण्डल हैड चलने के लिए मार्ग बने होते हैं। इस स्पिण्डल में Arbor लगी होती है। कार्य पर कट लेने के लिए स्पिण्डल हैड को कालम पर बने मार्गों पर ऊपर-नीचे किया जाता है और कार्य को टेबल पर इस प्रकार क्लैंप जाता है कि कार्य की मशीनिंग कटर के नीचे से केवल एक ही बार निकलने पर पूरी हो जाये । यह मशीनें अपेक्षाकृत भारी और सुदृढ़ होने के कारण बहु-उत्पादकीय कार्यों के लिए प्रयोग की जाती है। इन मशीनों का वर्गीकरण निम्न प्रकार किया गया है ।

(क) Simplex Milling Machine
इस मशीन में केवल एक ही Spindle Head होता है जिसमें आरबर लगाकर कटर को पकड़ा जाता है। ये स्पिण्डल हैड कार्य की ऊँचाई के अनुसार कॉलम पर कहीं भी ऊपर या नीचे कसा जा सकता है।

(ख) Duplex Milling Machine
इस मशीन पर दो अलग-अलग Cuttter Head लगे होते हैं। यह कटर हैड बैड के पक्षों पर फिट किये हुये दो Columns पर ऊपर व नीचे स्लाइड करके एडजस्ट किए जाते हैं। इन कटर हैडस को एक साथ अथवा अलग-अलग भी प्रयोग किया जा सकता है। इस प्रकार इस मशीन पर दो तलों को एक साथ मशीनिंग किया जा सकता है।

(ग) Triplex Milling Machine
इस मशीन में डूप्लैक्स मिलिंग मशीन की तरह दो Cutter Head फिट किये होते हैं। तीसरा कटर हैड कॉलम के ऊपर फिट की हुई Cross-Rail पर लगा होता है। यह कटर हैड कटाई के लिए भिन्न-भिन्न गतियों पर चलाया जा सकता है। इन कटर हैड को तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर कटाई क्रियाओं के लिए शीघ्रता से ले जाया जा सकता है। इन मशीनों द्वारा कटाई क्रिया क्रमबद्ध ढंग से निरंतर होती रहती है। जिसमें एक ही प्रकार के कार्य करने में आसानी होती है । इन मशीनों के टेबल की गतियाँ जैसे कि Slow Feed Motion, Quick Return Motion, Start, Stop and Brake Lever के प्रयोग से इन मशीनों की उपयोगिता अधिक बढ़ गई है।

(3) Planer type Milling Machine

इसे Plano मिलिंग मशीन भी कहते हैं। यह बनावट में प्लेनिंग मशीन जैसी होती हैं। यह एक भारी भरकम मशीन है। इस मशीन के Cross-Rail पर Tool Head के स्थान पर Cutter Head लगे होते हैं। कार्य ऊँचाई के अनुसार क्रास-रेल की ऊँचाई को हाऊसिंग पर ऊपर या नीचे कहीं भी Adjust किया जा सकता है । यह कटर हैड एक से अधिक हो सकते हैं । कुछ मशीनों में प्लेनर की भांति हाऊसिंग की साइड पर एक या दो साईड कटर हैड लगे होते हैं। जिनके द्वारा एक ही समय में कार्य के तीनों तलों का निर्माण हो जाता है। ये कटर हैड स्वतन्त्र रूप में भी प्रयोग किए जा सकते हैं। फलस्वरूप उत्पादन समय में बहुत बचत होती है। प्लेनर Miller में मुख्य अन्तर उनकी टेबल गति में है। प्लेनों मिलिंग मशीन में टेबल की गति प्लेनर मशीन की अपेक्षा बहुत धीमी होती है। यह मशीन बहुत भारी कार्य तथा बड़े आकार के तलों की मशीनिंग के लिए बनाई गई है। प्रायः ऐसी मशीनों को चलाने के लिए 20 से 70 अश्व शक्ति की मोटरें लगी होती हैं जिस कारण यह मशीनें विशाल उत्पादन के लिए प्रयोग में लाई जाती हैं

(4) Special Purpose Milling Machine

यह मशीनें किसी विशेष उद्देश्य की पूर्ति के लिए बनाई गई हैं। इनके प्रयोग से उत्पादन को बढ़ावा मिला है तथा Quality में भी सुधार हुआ है । इन मशीनों के प्रयोग से कार्य के खराब होने की सम्भावना बहुत कम होती है । इनके द्वारा निर्मित सभी पुर्जे एक ही आकार एवं साइज में बनते हैं जिनसे पार्ट्स में Interchangability बनी रहती है। इन मशीनों का वर्गीकरण कार्य के अनुसार किया गया है।

(क) Rotary table milling machine
इस मशीन की टेबल गोल होती है। यह टेबल घूमते हुए कटर के नीचे जॉब को गुजारती है । इस मशीन पर एक से अधिक कटरों का भी प्रयोग किया जा सकता है। इस मशीन पर लगातार कटिंग प्रक्रिया करने के लिए जॉब की लोडिंग और अनलोडिंग की जा सकती है यह मशीन प्रायः फेसिंग प्रक्रिया के लिए विशेष रूप से काम में लाई जाती है।

(ख) Profiling Machine
यह मशीन बैड टाइप वर्टिकल मिलिंग मशीन के समान होती है। जिसमें Spindle को ऊपर व नीचे तथा लेटे हुए तल में आगे व पीछे चलाया जा सकता है । इस मशीन का प्रयोग पूरे आकार की Template का प्रतिरूप, Job के ऊपर तैयार करने के लिए किया जाता है । इस मशीन में एक से लेकर चार तक स्पिण्डल हैड होते हैं जिनमें एण्ड मिल कटर पकड़ा जाता है । इस मशीन में कटर हैड की चाल को एक Tracer or Guide Pin द्वारा नियन्त्रित किया जाता है । जो टैम्प्लेट के बाह्य सरफेस को स्पर्श करती हुई चलती है और इस प्रकार ट्रेसर वही मार्ग अपनाता है जैसा कि टैम्प्लेट की आकृति होती है । यह टैम्प्लेट जॉब के एक ओर टेबल पर फिट की हुई होती है इस मशीन को Die Sinking मशीन भी कहते हैं । यह मशीन Special Die या Tool आदि तैयार करने के लिए प्रयोग की जाती है।

(ग) Planetary Milling Machine
इस मशीन का यह नाम कटर का प्लेनेटरी पथ के अनुसरण करने के आधार पर पड़ा है। ये मशीनें Vertical Spindle अथवा Horizontal Spindle में उपलब्ध है। इस मशीन पर बाह्य एवं आन्तरिक दोनों गोल तलों का अलग-अलग अथवा एक साथ निर्माण किया जा सकता है। इसमें कार्य स्थिर रहता है तथा कटाई अथवा फीड गतियाँ दोनों कटर को ही दी जाती हैं अर्थात् इसमें कटर नक्षत्र Planetary Path की भांति चलता हुआ जॉब के चारों और कटाई करता है और साथ-साथ आगे भी बढ़ता है । सामान्यतः इस मशीन का प्रयोग विभिन्न पिच की आन्तरिक एवं बाह्य चूड़ियां काटने के लिए होता है ।

(घ) Panto Graph Milling Machine
यह मशीन दो या तीन Dimensional मॉडलों में मिलती है। दो विमीय पेन्टोग्राफ का उपयोग अक्षरों या अन्य डिजाइनों की नकल बनाने के लिए किया जाता है । तीन विमीय पेन्टोग्राफ का उपयोग हर प्रकार की आकृति या विषमतल (Contour) की नकल बनाने के लिए किया जाता है तथा साइज को अनुपात में घटाया व बढ़ाया जा सकता है । पेन्टोग्राफ एक ऐसी यन्त्रावली है जो चार छड़ों या लिंकों से मिलकर एक समानान्तर चतुर्भुज की आकृति में रहती है । इसी यन्त्रावली की सहायता से Template या मॉडल की आकृति के अनुरूप जॉब पर आकृति की साइज को अनुपात में घटाकर या बढ़ाकर बना सकते हैं । यह मशीन प्रायः खुदाई (Engraving) करने के लिए विशेष रूप से प्रयोग की जाती है।

(ड़) Drum type Milling Machine
यह मशीन रोटरी टेबल मिलिंग मशीन के समान होती है इस मशीन का टेबल जिसे ड्रम कहा जाता है गोलाई में एक साथ चार स्पिण्डल के नीचे घूमता रहता है। जिस पर मशीनी पुों को ड्रम का एक चक्कर पूरा हो जाने पर निकाल दिया जाता है। और उनकी जगह नये पुर्जे को क्लैम्प कर दिया जाता है।

(च) Tracer Control Milling Machine
यह मशीन Die व Moulds में विशेष प्रकार के तलों के निर्माण के लिए प्रयोग की जाती है । चाहे वे तल नियमित हों या अनियमित जॉब को फीड एक विशेष प्रकार की विधि जिसे Servo Mechanism कहा जाता है द्वारा नियन्त्रित की जाती है। यह Stylus बनाई गई टैम्प्लेट या कन्टूर की प्रोफाइल के अनुसार बने जॉब के गिर्द घूमता है। स्टाईलस की यह चाल एक Oil Relay System को चलाती है और इस प्रकार टेबल को द्रव चलित प्रणाली द्वारा चाल मिलने लगती है जिससे टेबल पर बंधा कार्य खण्ड अपने आप कटने लगता है ।

(छ) Gear Hobbing Machine
जैसे कि इसके नाम से पता चलता है कि यह मशीन उत्पादन दर पर केवल गरारियां काटने के लिए काम में लाई जाती है । इसमें हर प्रकार की गरारियां जैसे Spur, Helical परिशुद्ध काटी जा सकती हैं। इसमें दांतों की कटाई के लिए Hob Cutter का प्रयोग किया जाता है। इसमें हॉब कटर के साथ-साथ जॉब घूमता रहता है और दांतों की कटाई के लिए Indexing स्वयं ही मशीन द्वारा अपने आप होती रहती है । इस प्रकार एक समय में बहुत-सी गरारियां काटी जा सकती हैं । इस वर्ग के अन्तर्गत गारियां काटने वाली एक अन्य मशीन भी आती है जिसे गियर कहते हैं । इसका कार्य भी हॉबिंग से मिलता-जुलता है।

(ज) Thread Milling Machine
इस मशीन का प्रयोग धैड मिलिंग कटर द्वारा एक्मी अथवा वर्म चुड़ी आदि काटने के लिए किया जाता है क्योंकि इस संक्रिया द्वारा चूड़ियां अधिक शुद्धता और सफाई से काटी जाती हैं। सामान्यतः गल कटर का प्रयोग कोर्स पिच की चूड़ियां काटने के लिए तथा मल्टी टीथ कटर का प्रयोग कम लम्बे भागों पर चूड़ी काटने के लिए किया जाता है।

(झ) N.C. and C.N.C. Milling Machines
आजकल आधुनिक शॉपों में एन. सी. और सी० एन० सी० मिलिंग मशीनें प्रयोग में लाई जाती हैं यह बहुत ही आधुनिक मशीनें हैं जॉब की ड्राईंग के अनुसार प्रोग्राम बनाकर इसके कन्ट्रोल यूनिट में फीड कर दी जाती है।

मिलिंग मशीन के उपयोग

मिलिंग मशीन से Machined किया हुआ Material की Surface Finish ज्यादा अच्छी होती है क्योंकि इसमें जो Milling कटर का उपयोग किया जाता है वो Multi – Cutting edges का बना रहता है।
मिलिंग मशीन का उपयोग करके हमारे Production की Productivity भी बढ़ती है। और साथ ही साथ इस मशीन का उपयोग करने से High Accuracy भी प्राप्त होती है।

इस मशीन का उपयोग Gears को बनाने के लिए भी किया जाता है आमतौर पर इस मशीन से हम Flat Surface को Machined करते हैं।
इसका उपयोग हम Groove और Slot बनाने के लिए भी करते हैं मिलिंग मशीन का उपयोग कई Operations को करनें के लिए भी किया जाता है।

मिलिंग मशीन में होने वाले सभी Operations इस प्रकार है।
जैसे: प्लेन मिलिंग Operations , फेस मिलिंग Operations , T – Slot मिलिंग Operations , साइड मिलिंग Operations , गियर मिलिंग Operations , ग्रूव मिलिंग Operations , गैंग मिलिंग Operations आदि यह सभी Operations मिलिंग मशीन पर किये जाते हैं।

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