Lathe machine is 1 very versatile machine tool, now compared to all other standard machine tools

Lathe machine

Lathe machine एक प्रकार का Production मशीन टूल है जो अक्ष के सिमेट्रिक रचना वाले सामान बनाने के काम आती है। इसमें work piece एक अक्ष पर घूर्णन करता रहता है और काटने, छेद करने एवं अन्य क्रियाएँ करने वाले औजार इस पर आवश्यकतानुसार लगाकर इसे उचित रूप दिया जाता है। Lathe एक ऐसा यंत्र है जिस पर गोल अंशों को तैयार किया जाता है।

Lathe machine

Lathe machine का मुख्य कार्य Metal को work piece के ऊपर से हटाने के लिए किया जाता है। Metal हटाना या Metal रिमूविंग एक प्रकार का secondary operation है। lathe machine से कई प्रकार के secondary operations किए जाते है इसलिए Industries में यह मशीन बहुत उपयोगी मानी जाती है। और यह मशीन Metals को work piece के ऊपर से चिप्स की तरह Remove करती है ।

Lathe machine एक प्राचीन मशीन टूल है। जोकि बहुत समय से Industries में उपयोग होती आ रही है।
lathe machine एक बहुत वर्सटाइल मशीन टूल है , बाकि सभी standard मशीन टूल कि तुलना में।
lathe machine को आमतौर पर Manually ही संचालित या ऑपरेट किया जाता है।

Lathe machine की संरचना

Lathe machine के बाईं तरफ इसका Head stock है, जो तैयार होनेवाले अंग को पकड़ने और घुमाने का काम करता है। Head stock में एक खोखला Spindle है जो दो Bearings पर घूमता है। दोनों Bearings के बीच में Spindle पर एक Steps pulley होती है, जिसपर प्राय: तीन steps होते हैं, इन्हीं steps से Head stock की shaft की गति को control किया जा सकता है। इसी प्रकार की एक pulley उस धुरी पर भी होती है जिससे मोटर द्वारा इस खराद को चलाया जाता है।

घिरनी के ऊपर के पट्टे को घिरनी के एक पद से सरकाकर दूसरे पद पर लाने से खराद की गति बदली जाती है। तकले के बाएँ किनारे पर दाँतोंवाले चक्र होते हैं, जिनको Gears कहा जाता है। इनके द्वारा खराद की Leading screw चलाई जाती है। किसी अंग पर चूडियाँ काटने के लिये Leading screw का उपयोग आवश्यक है। और इसी से Tool post अपने आप चलता है। जिस प्रकार की चूड़ी काटनी होगी उसी प्रकार का उपकरण प्रयोग में लाया जाएगा, परंतु प्रति इंच में चूड़ियों की संख्या Gears द्वारा व्यवस्थित की जाएगी। Spindle के दाहिने किनारे पर खराद का Chuck होता है। इससे उस work piece को सुरक्षित रूप से होल्ड करते हैं जिसपर काम करना होता है।

Head stock के पश्चात्‌ का उपकरण स्तंभ है। यह स्तंभ उपकरणों को पकड़ने और उनको ठीक स्थिति में रखने के काम आता है। इसमें दो चक्र होते हैं, जो हाथ से चलाए जाते हैं। एक चक्र से स्तंभ को खराद की लंबाई में चलाया जाता है और दूसरे चक्र से उपकरण को खराद की चौड़ाई में आगे पीछे किया जाता है। इसलिए बड़े चक्र से उपकरण की cutting की गति और छोटे चक्र से काट की गहराई को स्थिर किया जाता है। अत: उपकरण स्तंभ का काम किसी वस्तु पर ठीक प्रकार की काट लगाना है।

खराद के दाहिने किनारे पर Tail stock होता है, जिसका काम Head stock की सहायता करना है,जैसे यदि किसी लंबी वस्तु पर काम करना है और उसको केवल चक में ही पकड़ा जाय तो बल पड़ने पर वस्तु झुक जायगी। इसलिए ऐसी वस्तु के दूसरे किनारे के बीच छेद बनाकर Tail stock के केंद्र से जमा देते हैं, तब यह वस्तु इस केंद्र पर भी घूमती रहती है। इसके कारण इसके झुकने का डर नहीं होता।

>Computer inventor | greatest

>Computer

आकार

किसी खराद का आकार उसपर काम करनेवाले अंगों के नाम से माना जाता है। यदि हम कहें कि खराद का आकार 10 x 50 इंच है, तो इसका मतलब हुआ कि इस खराद पर सबसे बड़ा job 10 इंच व्यास का और 50 इंच लंबाई का बाँधा जा सकता है। इस प्रकार की खराद को Bench Lathe कहा जाता है। यदि Head stock के चक के नीचे खराद में अधिक स्थान छोड़ दिया जाए, जिसके कारण खराद के आकार से बड़े work piece को उस पर बाँधा जा सके, तो उसको Gap Lathe कहा जायगा ।

Lathe machine के भाग

Lathe machine के कई भाग होते हैं , वह सभी भाग निम्न इस प्रकार है-

Head stock: हैड स्टॉक , लेथ बेड के बाएं तरफ स्थित रहता है। और ये गियर ट्रेन , Main स्पिंडल , चक , गियर स्पीड कंट्रोल लीवरस साथ ही साथ फिड कंट्रोलर्स को भी होल्ड करता है। हैड स्टॉक पावर transmit करता है स्पिंडल से फीड रॉड , लीड स्क्रू और थ्रेड कटिंग मैकेनिज्म तक हैड स्टॉक cast iron का बना हुआ रहता है।

Bed: बेड , Lathe machine का बेस होता है और यह single piece cast iron का बना हुआ रहता है। Lathe machine के सभी Parts बोल्टेड रहते हैं बेड पर।Guideways बेड पर लगा हुआ रहता है और जैसा कि इसके नाम पर जाया जाए तो यह टेल स्टॉक और कैरिज को गाइड करता है।

Tail stock: टेल स्टॉक , Lathe machine के दाहिने हाथ की ओर स्थित रहता है। टेल स्टॉक का उपयोग वर्क piece को सपोर्ट देने के लिए किया जाता है और यह work – piece को एक छोर से सपोर्ट करता है मतलब दायाँ छोर से।

Carriage: कैरिज , हैड स्टॉक और टेल स्टॉक के बीच में लगा हुआ रहता है। और यह एप्रोन , सैडल , कंपाउंड रेस्ट , क्रॉस स्लाइड और टूल पोस्ट को कैरी करता है।

Saddle: सैडल , कैरिज का एक पार्ट होता है। और वह बेड के किनारे स्लाइड करता है। यह क्रॉस स्लाइड , कंपाउंड टेस्ट और टूल को भी सपोर्ट करता है।

Cross slide: क्रॉस स्लाइड का कार्य cutting action प्रदान करना होता है टूल को। cutting टूल का एक्शन परपेंडिकुलर होता है लेथ मशीन के center line से।

Compound rest: कंपाउंड रेस्ट , क्रॉस स्लाइड के ऊपर रखा हुआ रहता है। और इसका बेस सर्कुलर होता है , जिससे वो स्विलिंग मोशन प्रदान करता है।

Tool post: यह कैरिज का सबसे ऊपर का भाग होता है और यह टूल और टूल होल्डर को एक स्थान पर या एक पोजीशन में होल्ड रखने का कार्य करता है।

Apron: एप्रोन फीड mechanism का हाउस होता है। एप्रोन व्हील को हाथ से भी Rotate किया जा सकता है, कैरिज के longitudinal मोशन के लिए।

Lead screw: लीड स्क्रू को पॉवर स्क्रू भी कहा जाता है और यह Rotational मोशन को Linear मोशन में बदलता है। लीड स्क्रू को Lathe machine टूल में Thread cutting operation के लिए भी उपयोग किया जाता है।

Feed rod: फीड रॉड , कैरिज को मूव करने का काम करती है जैसे फीड रॉड कैरिज को बाएं ओर से दाएं ओर मूव कराती है और साथ ही साथ दाएं से बाएं तरह भी मूव कराती है।

Chuck: आमतौर पर Chuck दो प्रकार के होते है जैसे –
पहला है, 3 jaw- self centering Chuck :जिसके एक Jaw के घुमाने से सब जबड़े काम करते हैं। इस चक में गोल चीजों को आसानी से पकड़ा जा सकता है।
दूसरा है, 4 jaw- independent Chuck : जिसका हर jaw अलग-अलग काम करता है। यह असममित माप की वस्तु को पकड़ने के लिए उपयोगी होता है। इस प्रकार खराद का पहला भाग Head stock है, जो किसी अंग को ठीक प्रकार पकड़ने और उसको घुमाने का काम करता है और साथ ही साथ उन दाँतोवाले चक्रों को भी घुमाता है जिससे खराद की Shaft मिलती है।

Main spindle: स्पिंडल एक hollow cylindrical शाफ़्ट के रूप में होती है जिसमें से long jobs को भी पास किया जा सकता है। यह इस तरह से डिजाइन किया जाता है जिससे जो cutting टूल की thrust होती है वो स्पिंडल को deflect नहीं होने देती।

Leg: लेग का बहुत महत्वपूर्ण काम होता है लेथ मशीन में। यह लेथ मशीन का पूरा भार अपने ऊपर कैरी करता है और फिर इस भार को ground तक पहुंचाने का काम करता है लेग को फ्लोर के साथ secure किया जाता है बोल्ट की मदद से।

खराद पर job को बांधना

खराद पर किसी job को बाँधने की तीन रीतियाँ हैं:

(1) चक और Tail stock के केंद्रों पर वस्तु को बांधना वस्तु के दोनों किनारों के व्यास के बीच छेद बनाकर, दोनों दंडों के केंद्रों पर चढ़ाकर कस दिया जाता है। यह कसाव Tail stock के चक्र को घुमाने से होता है। काम की लंबाई के अनुसार Tail stock को आगे पीछे किया जा सकता है।

(2) काम को चक में बाँधना और

(3) मुखपट्ट पर काम को बाँधना।

जैसा काम होता है, वैसी ही रीति का उपयोग होता है। head stock का Spindle खोखला होने के कारण लंबी छड़ों को पकड़ने में सुविधा होती है। Tail stock का काम केवल काम को संभाले रखना ही नहीं, बल्कि छेद करना और भीतर के व्यास को बड़ा करना भी है।

Lathe machine के उपयोग

खराद से किये जाने वाले कार्य कई प्रकार के हैं। किसी वस्तु को गोल करना और उसको एक विशेष व्यास का बनाना, चूड़ी काटना, किसी वस्तु पर ढलाव बनाना, छोटे छेदों को बड़ा करना, भीतर के व्यास को बढ़ाना तथा इसी प्रकार के अन्य दूसरे काम किए जाते हैं।

वस्तु पर पहले गहरी cut लेकर उसको नाप से कुछ ही ज्यादा रख लिया जाता है। इसके पश्चात कम काट लेकर काम को उसके ठीक नाप पर लाया जाता है। हर प्रकार की काट के लिए अलग-अलग उपकरण होते हैं। जिस प्रकार का काम करना हो उसी प्रकार के उपकरण को खराद में लगाना पड़ता है। चूड़ियाँ काटने के लिए उपकरण उसी रूप का बनाया जाता है जिस रूप की चूड़ी होती है।

Lathe machine कई operations को करने के लिए उपयोग कि जाती है। आमतौर पर लेथ मशीन से secondary operations किये जाते है। यह सभी operations जो लेथ मशीन पर किये जाते हैं , इस प्रकार है जैसे –

फेसिंग
टर्निंग
काउंटर टर्निंग
फॉर्म टर्निंग
टेपर टर्निंग
चाफरिंग
कट ऑफ पार्टिंग
बोरिंग
थ्रेडिंग
ड्रिलिंग
Knurling आदि operations किये जाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *