Fuse is good for circuit | Let’s know now in hindi

Fuse

Fuse

फ्यूज एक सुरक्षा युक्ति है जो विद्युत परिपथ की ओवरलोड तथा शार्ट सर्किट से सुरक्षा करता है ।

परिभाषा
“वह सुरक्षा युक्ति जो उच्च विद्युत धारा के विरुद्ध केबलों तथा उपकरणों की सुरक्षा के लिए फेज तार के श्रेणी क्रम में संयोजित किया जाता है, फ्यूज कहलाता है।” यह विद्युत धारा के ऊष्मीय प्रभाव पर कार्य करता है ।

Fuse Element Materials

Fuse element के लिये लेड, टिन, कॉपर, जिंक तथा सिल्वर प्रयोग किये जाते है। कम current के लिये लेड और टिन (Lead 37% + Tin 63%) प्रयोग किये जाते है। अधिक current के लिये copper या silver या इन दोनों का मिश्रण प्रयोग किया जाता है। इस समय ज्यादातर silver प्रयोग किया जाते है।

Fusing Factor

“ किसी भी fuse element के लिये minimum प्रगलन धारा तथा फ्यूज की निर्धारित धारा के अनुपात को fuse factor कहते हैं। इसका मान एक से अधिक होता है।”

Types of fuse

वोल्टता के अनुसार

(1)निम्न वोल्टता फ्यूज
(2)उच्च वोल्टता फ्यूज

निम्न वोल्टता फ्यूज

(a) पुनर्तारीय प्ररूपी फ्यूज (Semi-enclosed rewirable fuse)
(b) उच्च विदारण क्षमता वाले कारतूसी फ्यूज(High rupturing capacity type fuse cartridge)

(a) पुनर्तारीय प्ररूपी फ्यू ज (Semi-Enclosed Rewirable Fuse) या Kitkat type fuse

Rewirable फ्यूज को Kitkat type फ्यूज के नाम से जाना जाता है। यह फ्यूज चीनी मिट्टी से बने होते है,इस फ्यूज में धातु तार का fuse element लगाया जाता है। इनमें fuse element प्राय: टिन लेपित ताम्र तार का होता है, जिसे फ्यूज वाहक में दो सम्पर्क सिरा स्क्रूओं के बीच कस दिया जाता है।

Fuse

इस फ्यूज के दो पार्ट होते है पहला भाग मीटर के पास फिक्स्ड रहता है, जिसे हम फ्यूज आधार कहते है जबकि दूसरा भाग कैरियर होता है। यदि किसी कारण से फ्यूज में शोर्ट सर्किट हो जाता है और फ्यूज जल जाता है तो हम इसका फिक्स्ड पार्ट निकाल नही सकते, जबकि कैरियर वाला पार्ट निकालकर उसकी जगह नया कैरियर फ्यूज लगाया जाता है।उसके बाद फ्यूज कैरियर को फ्यूज board पर स्थापित फ्यूज आधार में लगा दिया जाता है।

Fuse base में भी स्थिर सम्पर्क सिरे होते हैं, जिनका सम्बन्ध अलग-अलग क्रमश: output तथा input phase wire से होता है। इस प्रकार fuse carrier तथा fuse base के सम्पर्क सिरे आपस में संयोजित होकर, fuse element की सहायता से सप्लाई सिरे को परिपथ सिरे से संयोजित करते है।
इस फ्यूज का ज्यादातर उपयोग घरेलू वायरिंग में किया जाता है, घरेलू वायरिंग में 5 Amp/250v और 15amp/250v वाले फ्यूज उपयोग किया जाता है, जबकि बड़े-बड़े कारख़ानों और उद्योग में 300amp/440v वाले फ्यूज का उपयोग किया जाता है।

लाभ (Advantages)
इसे सावधानीपूर्वक स्विच ऑन की स्थिति में ही निकाला और लगाया जा सकता है।
Fuse element को change करने में cost बहुत कम लगती है।
ये कीमत में अपेक्षाकृत सस्ते होते हैं।
इनकी संरचना सामान्य होती है।
पिघले हुए फ्यूज तार को बदलने के बाद पुन: इसे काम में लाया जा सकता है।
हानियाँ (Disadvantages)
इस type के फ्यूज की breaking capacity कम होती है। अत: इन्हें high fault की स्थिति में प्रयोग नहीं किया जा सकता है।

(b) उच्च विदारक क्षमता वाले कारतूसी फ्यूज(High rupturing capacity type fuse cartridge)
Fuse

ये फ्यूज कांच या फाइबर द्वारा बना होता है, इन फ्यूज का आकार कारट्रीज फ्यूज की तरह होता है।इनकी मुख्य विशेषता short circuit fault के अन्तर्गत एक निश्चित समय तक उच्चतम धारा प्रवाह की क्षमता रखते हैं,यदि निश्चित समय के अन्तर्गत, short circuit fault स्वत: ठीक हो जाये तो फ्यूज पिघलकर नष्ट नहीं होता है। परन्तु यदि fault ठीक नहीं हुआ तो फ्यूज पिघलकर नष्ट हो जाता है। इस प्रकार परिपथ में धारा का मान शून्य हो जाता है।

लेकिन इसका प्रभाव वातावरण पर नही पड़ता क्योंकि इसमें केमिकल पावडर भरा जाता है। इनकी विदारक क्षमता 66 kV से 500 MVA तक होती है। इसीलिये इन्हें कारतूसी प्रारूपी उच्च विदारक क्षमता वाले फ्यूज कहते हैं।

HRC FUSE के लाभ
इसकी operation speed उच्च होती है।
इसकी maintenance की आवश्यकता नहीं होती है।
यह एक विश्वसनीय सुरक्षात्मक उपकरण है।
ये फ्यूज 2 से 800 amp तक की धारा के लिये निर्धारित होते हैं।

उच्च वोल्टता फ्यूज (High voltage fuse)

उच्च वोल्टेज सिस्टम के लिए उपयोग में आने वाले फ्यूज निम्न प्रकार है।

(i) Cartridge Type

इस फ्यूज की संरचना कम वोल्टेज वाले कारतूस फ्यूज के समान ही है। इस फ्यूज के डिजाइन में बदलाव करके हम इसे उच्च वोल्टेज सिस्टम के लिए उपयोग कर सकते हैं। जैसे कि फ्यूज के element को helix form में डिजाइन करके उच्च वोल्टेज सिस्टम के लिए उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि ऐसा करने से उच्च वोल्टेज सिस्टम में उत्पन्न होने वाले corona effect से बचा जा सकता है । दो फ्यूज तारों को समान्तर में लगाकर जिसमें एक कम प्रतिरोध का तार (जैसे कि Silver Wire ) तथा दूसरा उच्च प्रतिरोध का तार (जैसे कि Tungsten Wire)।

Fuse

सामान्य अवस्था में कम प्रतिरोध वाला तार परिपथ की धारा को वहन करेगा। fault स्थिति में कम प्रतिरोध वाला तार जल जायेगा तथा उच्च प्रतिरोध तार परिपथ की धारा को एक समय के लिए controlled करेगा तथा कुछ समय उपरान्त उच्च प्रतिरोध तार भी जलकर सर्किट को बन्द कर देगा।
उच्च वोल्टेज cartridge फ्यूज को 33 KV पर 8700A तक breaking capacity के लिए उपयोग किये जाते हैं। 6.6 KV पर 200 A के लिए तथा 11 KV पर 50 A Breaking Capacity के फ्यूज उपलब्ध है।

(ii) Liquid Type

इन फ्यूजों के अन्दर carbon tetrachloride के solution को उपयोग में लाया जाता है। इन फ्यूजों की बहुत अधिक range उच्च वोल्टेज सिस्टम में उपलब्ध है। इन फ्यूजों को परिपथ में 100 A पर 132 KV के लिए तथा 6100 A तक परिपथ में उपयोग में लाया जा सकता है।

इस फ्यूज में एक ग्लास ट्यूब होती है, जिसके अन्दर carbon tetrachloride का solution भरा रहता है तथा ट्यूब के दोनों सिरे brass cap के द्वारा sealed होते हैं। फ्यूज तार का एक सिरा sealed होता है तथा दूसरा सिरा phosphor bronz spiral spring द्वारा ग्लास ट्यूब के दूसरे सिरे से जुड़ा रहता है।
जैसे ही परिपथ के अन्दर धारा का मान अधिक होता है, तो फ्यूज तार जल जाता है तथा phosphor bronz spiral spring उस जले हुये फ्यूज तार को अपनी तरफ खींच लेता है जिसके कारण आर्क तुरन्त बुझ जाती है।

FUSE लगाने के लाभ

॰ यह heavy short circuit की स्थिति में बिना आवाज किये circuit को बंद करता है।
॰ यह circuit को automatic बंद करता है।
॰ Fuse element के छोटे साइज circuit को बंद करने के लिये उपयुक्त होता है।
॰ Operation time न्यूनतम होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *