Engine is the 1 most important part of any vehicle.

Engine

Engine उस मशीन या device को कहते हैं जिसकी सहायता से किसी भी प्रकार की ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है। इंजन की इस यांत्रिक ऊर्जा का उपयोग, कार्य करने के लिए किया जाता है। वाहनों का इंजन, Fuel की heat energy को यांत्रिक ऊर्जा में convert करता है।

अर्थात् इंजन रासायनिक ऊर्जा, विद्युत ऊर्जा, गतिज ऊर्जा या ऊष्मीय ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलने का कार्य करता है। वर्तमान युग में अंतर्दहन इंजन तथा विद्युत मोटरों का अत्यन्त महत्व है।
इंजन को ऑटोमोबाइल का दिल भी कहा जाता है, क्योंकि ऑटोमोबाइल में इंजन एक बहुत महत्वपूर्ण रोल निभाता है , इंजन मूल रूप से ऑटोमोबाइल में Power Produce करनें का काम करता है ।

Engine के प्रकार

मुखयतः इंजन दो प्रकार के होते है Internal Combustion इंजन और External Combustion इंजन

Internal Combustion इंजन
इसमें ऊष्मा इंजन के भीतर ही दहन द्वारा किसी तेल या पेट्रोल या किसी गैस को जलाकर उत्पन्न करते हैं। मोटरकार, हवाई जहाज इत्यादि में आंतरिक दहन इंजन का ही उपयोग होता है। इन्हें IC इंजन भी कहते है।

External Combustion इंजन
इसमें इंजन को चलाने वाला पदार्थ इंजन के बाहर अलग पात्र में तप्त किया जाता है। जैसे भाप इंजन में इंजन से अलग बायलर में पानी से भाप बनती है जो सिलिंडर में जाकर पिस्टन को चलाती है। बाह्य दहन इंजन का सर्वोत्तम उदाहरण “भाप इंजन” है।

Internal Combustion इंजन और External Combustion इंजन में जो Working fluid उपयोग किये जाते है वो अलग – अलग प्रकार के होते हैं।

Internal Combustion इंजन में उपयोग किये जाने वाले Working fluid इस प्रकार है , जैसे हम air fuel के मिश्रण का उपयोग IC इंजन में Working fluid के तौर पर करते हैं ।
External Combustion इंजन में भी अलग – अलग प्रकार के Working fluid उपयोग किये जाते हैं जैसे steam इंजन एक प्रकार का External combustion इंजन है और उसमें Working fluid कोल का उपयोग इंजन को run करने के लिए किया जाता है ।

External Combustion इंजन का Stirling इंजन है, इसमें जिस Working fluid का उपयोग किया जाता है वो Working fluid gaseous phase में होता है जैसे आमतौर पर सबसे अधिक air , हाइड्रोजन और हीलियम का उपयोग Working fluid के रूप में किया जाता है।

Internal Combustion इंजन का उपयोग बहुत ज्यादा ऑटोमोबाइल में किया जाता है, इसके साथ ही साथ इसका उपयोग Aeroplanes , Boats , Ships , Railways आदि में भी किया जाता है।

Stroke की संख्या के आधार पर

Two Stroke इंजन

ऐसे इंजन जिनमे piston दो बार गति करता है यानि एक बार ऊपर और एक बार नीचे आना यानि T.D.C से B.D.C तक की दूरी को एक stroke कहते है यह दो बार दूरी तय करता है इसलिए ये Two Stroke इंजन कहलाते है इन दो Strokes में एक Power Stroke होता है जिससे इंजन को Power मिलती है ये ज्यादा भारी नहीं होते ।

Four Stroke इंजन

Four Stroke इंजन में Piston Cylinder में T.D.C से B.D.C चार बार गति करता है इन चार strokes में एक Power stroke होता है यही Four Stroke इंजन होते है ये वजन में भारी होते है ।

Ignition के आधार पर

Compression Ignition इंजन

जब Internal Combustion इंजन में Fuel Compressed air की help से Ignite होता है तब इसे Compression Ignition इंजन या C.I इंजन कहते है ।
Compression Stroke के समय Combuation Chamber में स्थित Air गर्म हो जाती है उसी की help से Fuel Burn होता है

Spark Ignition इंजन

जिन Engins में Spark Plug होता है उन्हें Spark Ignition इंजन या S.I इंजन कहते है इन इंजन में air-fuel mixture Combustion chamber में Spark Plug के Spark से Ignite होता है।

Fuel के आधार पर

Petrol इंजन

जिन इंजन में Fuel के लिए Petrol का use होता है उन्हें Petrol इंजन कहते है ये motorcycle जैसे वाहन में होते है इनमे Spark Plug का use होता है और Petrol इंजन में carburetor का भी use होता है।

Diesel इंजन

जिन इंजन में Fuel के लिए Diesel का use होता है उन्हें Diesel इंजन कहते है ये बस,tractor और अन्य वाहनों में लगे होते है इनमे fuel injector का use होता है।

Gas इंजन

ऐसे इंजन जिनमे Fuel के लिए Gas का use होता है gas engines होते है जैसे C.N.G इंजन

Cylinder की संख्या के आधार पर

Engine

Cylinders की संख्या के आधार पर इंजन दो प्रकार – Single cylinder इंजन और Multi Cylinder इंजन

Single cylinder इंजन
जिन इंजन में सिर्फ एक Cylinder और एक Piston होता है Single Cylinder इंजन कहलाते है।

Multi Cylinder इंजन
ऐसे इंजन जिनमे एक से ज्यादा Cylinder और pistons होते है Multi Cylinder इंजन कहलाते है नॉर्मली सभी Engines Single Cylinder इंजन ही होते है पर ज्यादा Torque और Power generate करने के लिए Multi Cylinder इंजन का use होता है।

उपयोग के आधार पर

इंजन किसी भी वाहन का सबसे अहम हिस्सा होता है यह हर जगह use किये जाते है चाहे वो आकाश हो या पानी या जमीन –

Air Craft Engines Air Craft में Use किये जाने वाले engines होते है ये अच्छी efficiency देते है और Power Ful होते है।

Automotive Engines Automobile में use होने वाले engines जैसे Petrol इंजन, Diesel इंजन Car में use किये जाने वाले अन्य engines ये सभी Auto motive engines होते है।

Locomotive Engines Locomotive Engine train रेलगाड़ियों में लगे होते या हम कह सकते है जो इंजन Train में लगे होते है उन्हें Locomotive Engines कहते है।

Marin Engines जो Engines छोटी Boat या बड़े से बड़े Ship के लिए use होता है उन्हें Marin Engines कहते है इनका size बहुत बड़ा हो सकता है ये बहुत Power ful होते है।

Stationary engines ऐसे engines जिनसे Generator,Pump और Factory में machines चलाई जाती है उन्हें Stationary Engines कहते है।

Thermodynamic Cycle के आधार पर

Engine

Otto Cycle
जो इंजन Otto Cycle की श्रेणी में आते है

Diesel Cycle
जो इंजन Diesel Cycle पर work करते है इस श्रेणी में आते है

Cooling के आधार पर

इंजन में होने वाले Combustion से पैदा Heat बहुत ज्यादा होती है यह इतनी ज्यादा होती है कुछ Metals जो इंजन बनाने में use की है उनका melting temperature भी इससे कम होता है यदि इसे ठंडा नहीं किया जाये तो इंजन पिघल जाये या कुछ डैमेज हो जायेगा इंजन को ठंडा करने के आधार पर दो प्रकार के है Air Cooled Engine और water cooled Engine

Air Cooled Engine
ऐसे Engines जिन्हें Air से ही ठंडा किया जाये तो ये Air Cooled Engine होते है जैसे motorcycle के इंजन है जिन्हें Air से ही ठंडा किया जाता है इसके लिए इंजन के designing में बदलाव किये जाते है ताकि वो हवा से ठंडा हो सके ।

Water Cooled Engine
ऐसे Engine जिनमे Water cooling system हो जैसे car और बस , जिनमे इंजन के आस-पास cooling जैकेट और radiator होता है जो इंजन को ठंडा रखता है।

विद्युत मोटरें

डीसी मोटर
प्रेरण मोटर
तुल्यकालिक मोटर
स्टेपर मोटर
रिलक्टैंस मोटर
सर्वोमोटर
युनिवर्सल मोटर
लिनियर मोटर
३-फेजी लिनियर मोटर

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