different parts of Computer

different parts of Computer

आज ऐसा कोई क्षेत्र नहीं जहाँ Computer का प्रयोग न हो रहा हो , हर कम्पनी , दफ्तर , स्टोर, बैंक आदि | यदि आप को Computer की अच्छी जानकारी है तो आप के लिए रोजगार के दरवाजे खुल जाते है | तो जानते हैं different parts of computer के बारे में –

Central Processing Unit (CPU)


इसे Computer का दिल और मस्तिष्क कहते है | different parts of computer में Central Processing Unit बहुत important part है , जहां पर Computer प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण करता है | इसे प्रोसेसर या माइक्रो प्रोसेसर भी कहा जाता है |

different parts of Computer
Central Processing Unit (CPU)

माइक्रो प्रोसेसर : माइक्रो प्रोसेसर निर्देश तथा प्रोग्रामों का पालन कर कार्य सम्पन्न करता है | प्रोसेसर Computer की मेमोरी के संदेशों को क्रमबद्ध तरीके पढ़ता है और उनके अनुसार कार्य करता | Computer की क्षमता उसके प्रोसेसर पर निर्भर करती है | दो बड़ी कंपनियाँ हैं, जो प्रायः माइक्रो प्रोसेसर का निर्माण करती हैं | वो INTEL और AMD, इनमें INTEL COMPANY के प्रोसेसर ज्यादा इस्तेमाल किये जाते हैं | प्रोसेसर अपनी क्षमता और तकनीकी के आधार पे भिन्न-भिन्न कोड नाम से जाने जाते हैं |

INTEL COMPANY के प्रमुख प्रोसेसर हैं – पैन्टीयम-1, पैन्टीयम-2, पैन्टीयम-3, पैन्टीयम-4, सैलेरान, कोर टू डुयो आदि |
AMD COMPANY के प्रमुख प्रोसेसर हैं – के -5, के -6, ऐथेलान आदि |


CPU को तीन भागों में बाँटा जा सकता है – Control Unit, A L U, Memory.
1. Control Unit :

कम्प्यूटर की समस्त गतिविधियों को निर्देशित और नियंत्रित करता है | इसके मुख्य कार्य निम्न हैं-

॰ सबसे पहले इनपुट युक्तियों की सहायता से डेटा/सूचना को कंट्रोलर तक लाना |

॰ कंट्रोलर द्वारा डेटा को मेमोरी में उचित स्थान प्रदान करना |

॰ मेमोरी से डेटा को पुनः कंट्रोलर में लाना और इन्हें A L U में भेजना |

॰ A L U से प्राप्त परिणामों को Output Unit पर भेजना |

2. A L U :

इसका पूरा नाम Arithmetic Logic Unit है | यह यूनिट डाटा पे अंकगणितीय क्रियाएँ (जोड़, घटाना, गुणा, भाग) और Logical operation करता हैं | यह कंट्रोल यूनिट से निर्देश लेता है | ये मेमोरी से डाटा प्राप्त कर प्रोसेसिंग के बाद डाटा को मेमोरी में लौटा देता है | A L U के कार्य करने कि गति तीव्र होती है, लगभग 1000000 गणनाएँ प्रति सेकंड कर सकता है | इसका electronic परिपथ Binary अंकगणित की गणनाएँ करने में सक्षम होता है |


3. Memory :

इसे Computer की याददाश्त भी कहा जाता है | यह Input Device के द्वारा प्राप्त निर्देशों को कम्प्यूटर में Store करके रखता है | यह सीपीयू का अभिन्न अंग है | इसे कम्प्यूटर की Main Memory, Internal Memory or Primary Memory भी कहते हैं |
कम्प्यूटर का वह भाग जहाँ सभी सूचनाओं, आकड़ों और निर्देशों को Store करके रखा जाता है मेमोरी कहलाती हैं | “
Memory मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है – RAM, ROM .

RAM ( Random-access mamory)

इसे कम्प्यूटर की याददाश्त भी कहतें हैं, रैम की गणना मेगाबाइट्स (इकाई) से होती है | इसका प्रयोग तब होता है जब आप कम्प्यूटर पर काम करतें हैं | कम्प्यूटर को बंद करते ही रैम में संग्रहित सारी जानकारी नष्ट हो जाती |

ROM (Read-only memory)

यह हार्डवेयर का वो भाग है, जिसमें सभी सूचनाएँ स्थायी रूप से इकठ्ठा रहती हैं और जो कम्प्यूटर को प्रोग्राम संचालित करने का निर्देश देता है |

Mother Board

different parts of Computer में Mother Board एक सर्किट बोर्ड की तरह ही है, जिसमें कम्प्यूटर के प्रत्येक प्लग लगाए जाते हैं | सीपीयू , रैम आदि यूनिट मदरबोर्ड में ही संयोजित रहते हैं |


Hard Disk :

यह एक स्टोरेज डिवाइस है, जिसका इस्तेमाल हम अपने डाटा को स्टोर करने के लिए करते हैं | यह डाटा को परमानेंटली स्टोर करता है | सबसे पहला हार्ड डिस्क IBM कंपनी ने बनाया था , जिसकी स्टोरेज क्षमता महज 5 MB थी और वजन करीब 250 KG था | समयानुसार क्षमता और आकार में सुधार हुआ, परिणामतः आज का आधुनिक Hard Disk है | इसमें एक गोलाकार डिस्क होती है, जिसपे डिजिटली डाटा Save होता है | जो बहुत तेजी से घूमती है, जिसकी स्पीड को RPM (Revolution Per Minute) में मापते हैं | जितनी ज्यादा स्पीड उतना ज्यादा Read और Write करने की स्पीड होती है |


हार्ड डिस्क के प्रकार :

डेटा ट्रान्सफर और भंडारण के अवधि के आधार पर – PATA Drives, SATA Drives .
कम्प्यूटर सिस्टम से जुड़ने के आधार पर – Internal Hard Disk Drive, External Hard Disk Drive .


SSD (Solid State Drive) :

यह एक Nonvolatile Storage Device है , इसमें एक माइक्रोचिप्स होती है | जो मेमोरी कार्ड और पेनड्राइव की तरह काम करती है | यह डाटा को Chip में संग्रहीत करती है और इसमें कोई भी मूविंग पार्ट नहीं होता है | जबकी हार्ड डिस्क ड्राइव में एक Mechanical Arm होता है, जो डाटा को रीड करने के साथ-साथ Storage Platter के चारों ओर घूमता है और Storage Platter पर से डाटा खोज कर हमें देता है |

SSD के लाभ:

SSD की स्पीड 500 Mbps होती है |
कम बिजली खपत |
टिकाऊपन |
छोटे आकार और हल्का वजन |


SSD के नुकसान:

महंगा |
कम भंडारण क्षमता |
आज कल अधिकतर Ultrabooks मे SSD लगी आती है | Apple MacBook Air में तो ये पहले से एम्बेड होकर आती है और ये HDD से बढ़िया perform करती है |

हार्ड डिस्क निर्माता कंपनियाँ :

Seagate Technology (Maxtor).
Western Digital.
Toshiba.
Hitachi Global Storage (IBM).
Samsung Electronics.
Fujitsu.
EMC Corporation.
G-Technology.
Iomega.
Quantum.
इनमें Seagate (Maxtor) और Western Digital के हार्ड ड्राइव ज्यादा लोकप्रिय हैं |

फ्लॉपी डिस्क ड्राइव :

यह सूचनाओं को सुरक्षित करने या सूचनाओं का एक कम्प्यूटर से दूसरे कम्प्यूटर में आदान – प्रदान करने में प्रयुक्त होता है |

CD-ROM :

इसका पूरा नाम Compact Disc Read-Only Memory है | छोटे से आकार में होते हुए भी बहुत बड़ी मात्रा में आंकड़ो एवं चित्रों को ध्वनियों के साथ संग्रहीत करने में सक्षम है |

Key Board :

कम्प्यूटर की निर्देश प्रणाली के लिए उपयोग में लाया जाता है | इसका मुख्य उपयोग Text लिखने के लिए किया जाता है| कम्प्यूटर की -बोर्ड सभी बटन उभरे रहते हैं | जिन्हें दबाने पर वही अक्षर , चिन्ह और संख्या टाइप हो जाती है , लेकिन कुछ बटनों को दबाने से विशेष कम्प्यूटर कमाण्ड्स भी एक्टिव होकर निष्पादित हो जाती है | जैसे “Ctrl” बटन के साथ “A” बटन दबाएँगे तो आपके द्वारा टाइप सारा Text सेलेक्ट हो जाता है | सामान्यतः 101 की-बोर्ड को अच्छा माना जाता है |


Mouse :

इसकी सहायता से स्क्रीन पर कम्प्यूटर के विभिन्न प्रोग्रामों को संचालित किया जाता है | माउस एक लंबे सफर के दौरान कई अलग-अलग रूप में विकसित किए गए, जिन्हें हम मुख्यतः पाँच प्रकार में बाँट सकते हैं |
॰ Mechanical mouse
॰ Optical mouse
॰ Wireless mouse
॰ Trackball mouse
॰ Stylus mouse

Monitor

different parts of Computer में Monitor पर ही कम्प्यूटर में निहित जानकारियों को देखा जा सकता है | अच्छे रंगीन मॉनीटर में 256 रंग आते हैं | मॉनीटर में डॉट पिच का उपयोग होता है | डॉट पिच पर नम्बरों की संख्या जितनी कम होगी , स्क्रीन पर उभरने वाली छवि उतनी ही साफ और गहराई के लिए होती है | सबसे पहले 1897 में Karl Ferdinand Braun ने Cathode Ray Tube invent कर cathode ray monitor का आविष्कार किया था | कम्प्यूटर मॉनीटर के निम्न प्रकार हैं –
॰ CRT monitors
॰ LCD monitors
॰ LED monitors
॰ PLASMA monitors
॰ OLED monitors

different parts of Computer
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Sound Card :

यह जरूरी बातों और जानकारियों को सुनने के साथ – साथ मल्टीमीडिया के बढ़ते प्रयोग के लिए आवश्यक है |


Printer :

इसकी मदद से कम्प्यूटर पर अंकित आंकड़ों को कागज पर मुद्रित किया जाता है | यह कम्प्यूटर का बाहरी आउटपुट डिवाइस होता है , जो कम्प्यूटर के softcopy को hardcopy में परिवर्तित करने का काम करता है |

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