12 important Components of Water Cooling System

Components of Water Cooling System

वॉटर पम्प

Water Cooling System

वॉटर पम्प Water Cooling System का ऐसा कॉम्पोनेंट है जिसके कारण “थर्मो सायफन सिस्टम” एवं “फोर्स फीड सिस्टम” एक दूसरे से अलग होते हैं । वॉटर पम्प का प्रयोग केवल “फोर्स फीड सिस्टम” में किया जाता है । फोर्स फीड सिस्टम को पम्प सरकुलेशन सिस्टम भी कहते हैं । वॉटर पम्प में इम्पैलर टाइप / सेंट्रीफ्यूगल टाइप पम्प का प्रयोग होता है । वॉटर पम्प सिलिंडर ब्लॉक या सिलिंडर हैड ब्लॉक में फिट रहता है । वॉटर पम्प रेडिएटर के लोअर टैंक से हौज पाइप के द्वारा जुड़ा रहता है । वॉटर पम्प रेडिएटर से पानी लेकर इंजन ब्लॉक में भेजता है । वॉटर पम्प को फ़ैन बेल्ट द्वारा क्रैंक शाफ्ट की पुली से चलाया जाता है ।

कूलिंग फैन

कूलिंग फैन या वॉटर पम्प फ़ैन , वॉटर पम्प पुली पर फिट रहता है । यह फैन हवा को रेडिएटर कोर की तरफ से इंजन ब्लॉक की ओर खींचता है जिससे रेडिएटर ट्यूब ठंडी होती है । यह हवा इंजन पर भी पड़ती है जिससे इंजन भी ठंडा होता रहता है । रेडिएटर की हवा को सीधे इंजन तक पहुँचाने के लिए रेडिएटर काउल या रेडिएटर शटर का प्रयोग किया जाता है ।

फ़ैन बेल्ट

वॉटर पम्प एवं फैन को , फैन बेल्ट द्वारा ही क्रैंक शाफ्ट पुली से चलाया जाता है । इसमें मुख्यतः ‘V’ बेल्ट का प्रयोग होता है जोकि रबर या नायलॉन का बना होता है ।

रेडिएटर

Water Cooling System

रेडिएटर का कार्य इंजन की वॉटर जैकेट से आए हुए गर्म पानी को ठंडा करना है । इंजन के वॉटर जैकेट का गर्म पानी रेडिएटर के upper टैंक में जाता है , जहाँ से यह रेडिएटर कोर में बहता हुआ नीचे आता है । रेडिएटर कोर में बहते समय यह ठंडा होता है एवं lower टैंक में पहुँचता है । lower टैंक से पुनः इंजन के वॉटर जैकेट में भेजा जाता है ।

रेडिएटर प्रैशर कैप

रेडिएटर प्रैशर कैप मुख्यतः तीन कार्य करता है –

Water Cooling System

(1) Water Cooling System का प्रैशर बढ़ाना : प्रैशर बढ़ने से पानी का क्वथनांक यानि बोइलिंग पॉइंट बढ़ जाता है जिससे कूलिंग सिस्टम उच्च तापमान पर भी कार्य कर सकता है । यह कार्य प्रैशर कैप में लगी स्प्रिंग के द्वारा होता है ।

(2) Water Cooling System प्रैशर अत्यधिक बढ़ने पर उसे कम करना : इस अतिरिक्त प्रैशर को निकालने के लिए इसमें एक ‘स्प्रिंग लोडेड प्रैशर रिलीफ़ वाल्व’ लगा होता है । इस वाल्व के द्वारा अतिरिक्त दाब को कम करने के लिए जलवाष्प ओवरफ्लो पाइप से बाहर निकल जाती है ।

(3) कूलिंग सिस्टम में प्रैशर कम होने (वैक्यूम/निर्वात उत्पन्न होने) की स्थिति में प्रैशर maintain करना : जब इंजन ठंडा होता है तो पानी का वॉल्यूम घट जाता है, जिससे कूलिंग सिस्टम में निर्वात यानि वैक्यूम उत्पन्न हो जाता है । इस समय रेडिएटर प्रैशर कैप में लगा हुआ वैक्यूम वाल्व खुलता है और कूलिंग सिस्टम में हवा अंदर आती है, जब तक कि वैक्यूम भर नहीं जाता ।

रिजर्वायर टैंक

Water Cooling System

यह Water Cooling System में रेडिएटर से जुड़ा हुआ एक पारदर्शी टैंक रहता है । रिजर्वायर टैंक का कार्य रेडिएटर से निकले extra कूलेंट को इकट्ठा करना और उसे बाहर बहने से रोकना । कूलेंट्स के लेवल को देखने के लिए रिजर्वायर टैंक में मैक्सिमम/full एवं मिनिमम /low के चिन्ह भी बने रहते हैं ।

हौज पाइप

रेडिएटर के lower tank से कूलेंट को वॉटर पम्प के माध्यम से इंजन ब्लॉक तक पहुँचाने एवं इंजन ब्लॉक से गर्म हुए कूलेंट्स को रेडिएटर के upper टैंक तक पहुंचाने का कार्य हौज पाइप का होता है । यह मुख्यतः रबड़ ,पीवीसी या सूत के बनते हैं ।

Water Cooling System

वॉटर जैकेट

वॉटर जैकेट इंजन ब्लॉक में पानी के लिए रास्ता बनाते हैं । इंजन में सिलेंडर ब्लॉक में सिलेंडर लाइनर के चारों ओर एवं सिलेंडर हैड में वॉटर जैकेट बने होते हैं । वॉटर जैकेट में पानी प्रवाहित होता है जोकि इंजन के गर्म पार्ट्स की गर्मी को अवशोषित करता है ।

Water Cooling System

थर्मोस्टेट वाल्व

थर्मोस्टेट वाल्व का कार्य Water Cooling System के तापमान को एक निश्चित तापमान यानी इंजन के ऑपरेटिंग टेम्परेचर पर maintain करना । थर्मोस्टेट वाल्व इंजन को ठंडा नहीं होने देता जिससे कि इंजन को कार्य करने के लिए आवश्यक तापमान बना रहे ।

Water Cooling System

कूलेंट टेम्परेचर सेंसर

Water Cooling System

इसका कार्य कूलेंट के तापमान को माप कर डैश बोर्ड पर लगे हुए टेम्परेचर गेज तक उसका मान पहुंचाना ।

कूलेंट टेम्परेचर गेज या इंडिकेटर

वाहन के डैश बोर्ड पर एक कूलेंट टेम्परेचर गेज लगा रहता है जो वाहन चालक को इंजन का तापमान बताता रहता है ।

Water Cooling System

कूलेंट / एंटीफ्रीज सॉल्यूशन

Water Cooling System में पानी भरने से पहले उसमें कूलेंट या एंटीफ्रीज सॉल्यूशन मिलाया जाता है ।

Components of Water Cooling System


कूलेंट के लाभ

यह पानी की फ्रीजिंग पॉइंट को कम कर देता है जिससे पानी 0॰C पर जमता नहीं है एवं ठंडे स्थानों पर सामान्य तरीके से कार्य करता है । इसके लिए कूलेंट में मुख्यतः ग्लिसरीन , अल्कोहल एवं एथलीन गलाइकोल का प्रयोग किया जाता है । कूलेंट की हीट अब्सॉर्ब करने की capacity अधिक होती है । कूलेंट की बहने की क्षमता अधिक होती है । कूलेंट के कारण जंग कम लगती है ।

कूलेंट के प्रकार

कूलेंट दो प्रकार के मिलते हैं :
शुद्ध कूलेंट : इनमें पानी मिलाने के बाद इंजन में प्रयोग किया जाता है ।
रेडीमेड कूलेंट : इसे सीधे ही इंजन में प्रयोग किया जाता है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *