Clutch | ADVANTAGE AND TYPES

Clutch

“Clutch एक ऐसी mechanical device जिसका प्रयोग Transmission system में engine को Transmission से engage तथा disengage करने में होता है।” अतः engine तथा Transmission के बीच में clutch होता है।

driving shaft और driven shaft के बीच clutch आती है जो इन दोनों shafts को connect और disconnect करती है।
driving shaft – जिसे engine से power मिल रही है।
driven shaft – जिसको घुमाने पर वाहन आगे बढ़ता है।

When Clutch Pedal is Released
Clutch engage होता है, तब engine से power पिछले पहियों तक Transmission system में होकर प्रवाहित होती है ।

Clutch

When Clutch Pedal is Pressed
Clutch disengage होता है, तब engine से power पिछले पहियों तक प्रवाहित नहीं होती ।

Clutch

Clutch की विशेषताएँ

क्लच Automobile का एक मुख्य भाग है जो एक मुख्य role निभाता है ।
क्लच ,Automobile system में Connecting link की तरह कार्य करता है ।
क्लच, एक rotating mechanical component को दूसरे rotating mechanical component से Connects और Disconnects करता है ।

क्लच, Torque को engine से Transmission तक संचारित करता है ।
क्लच engine और Gearbox के बीच में लगा हुआ होता है और ये उनके motion को engage और disengage करता है ।
क्लच का एक मुख्य कार्य Shocks और Vibrations को कम करना भी होता है जब engine, Universal joint की मदद से Rear axle तक Power को संचारित करता हो ।

Automobile क्लच का उपयोग तभी किया जाता है जब क्लच पूरी तरह से सक्षम हो कि वो बिना किसी रिसाव के maximum Power और maximum torque का संचालन कर सके ।
क्लच को design करते वक्त हमको पूरी तरह से ये ध्यान रखना चाहिए की क्लच जब Transmission system में कार्य करे तब जो heat उत्पन्न होती है वो क्लच Plate से सही से बाहर निकलना चाहिए । अगर क्लच प्लेट सही से design नहीं की गई तब क्लच Plates Burn हो सकती है जिससे Transmission fail हो जाता है।

Working of Clutch

Clutch

इसकी working में तीन चीजे होती है Flywheel,Clutch plate या disc और Pressure plate
जिसमे flywheel engine से मिली power से घूम रही है यानि driving shaft से अब clutch plate के दोनों साइड अच्छा घर्षण मटेरियल लगा होता है
जो एक तरफ से flywheel के पास होती है और दूसरी side pressure plate की तरफ होती है

जब flywheel घूम रही होती है और clutch plate पर external force लगाने पर वह घर्षण के कारण flywheel के साथ घूमने लगती है
जरूरत है एक external force की जो single clutch plate को flywheel की तरफ दबा सके यह काम pressure plate करती है
हम clutch press करते है तब external force clutch पेडल से होता हुआ pressure plate तक जाता है जो clutch plate को push करती है जिससे clutch plate घूमने लगती है और साथ ही pressure plate इससे driven shaft जुडी होती है इसलिए वह भी घूमने लगती है

Types of Clutches

(1) Friction clutch –
(a) Single plate clutch
(b) Multiplate clutch –
(i) Wet (ii) Dry.
(c) Cone clutch –
(i) External (ii) Internal

(2) Centrifugal clutch.
(3) Semi-centrifugal clutch.
(4) Conical spring clutch or Diaphragm clutch –
(a) Tapered finger type
(b) Crown spring type.

(5) Positive clutch – Dog and spline clutch.
(6) Hydraulic clutch.
(7) Electro-magnetic clutch.
(8) Vacuum clutch.
(9) Over-running clutch or free-wheel unit.

सिंगल प्लेट क्लच

Single प्लेट क्लच को अपनी Working को पूर्ण करने के लिए बहुत से Components की आवश्यकता होती है और ये सभी Components एक – समान सही क्रम में लगे हुए होते हैं।

Single प्लेट क्लच में केवल “ एक क्लच ” प्लेट का ही उपयोग करते हैं, जिसके दोनों साइड में Friction lining बनी होती है।
क्लच प्लेट के साथ Engine के कई Parts हैं जो जुड़े होते हैं और ये सभी Parts क्लच की Working और Functioning में मदद करते हैं जैसे – फ्लाईव्हील , प्रेशर प्लेट , बेयरिंग , हब , स्प्रिंग्स , पेडल का काम पेडल Shaft को engage और disengage करना होता हैं।

Single प्लेट क्लच में Power Transmission Friction की बजह से होता है जो दो Contact Surface के बीच में होता है। Single प्लेट क्लच का Coefficient of Friction ज्यादा होता है और इसको dry क्लच भी कहा जाता है क्योंकि ऐसे क्लच में कोई भी लुब्रीकेंट का उपयोग नहीं किया जाता है।

आमतौर पर क्लच प्लेट स्टील का बना होता है।
प्रेशर प्लेट – प्रेशर प्लेट आमतौर पर Cast iron की बनी होती है जो क्लच प्लेट पर प्रेशर लगाने में मदद करती है। जिससे फ्लाईव्हील और क्लच प्लेट में स्प्रिंग की मदद से ठीक से संपर्क बनाया जा सके।

स्प्रिंग्स स्प्रिंग्स का उपयोग प्रेशर बनाए रखने के लिए किया जाता है प्रेशर प्लेट पर और ये Contact surfaces को भी Slipping से बचाता है।

फ्लाईव्हील – फ्लाईव्हील engine output से जुड़ी होती है और इसका बाहरी हिस्सा क्लच प्लेट से संपर्क में आता है जब प्रेशर प्लेट से प्रेशर लगाया जाता है ।

Single प्लेट क्लच की Working समझने में simple होती है । इसमें हम आसानी से engage और disengage कर सकते हैं Torque transmission Shafts को कुछ Force लगाकर automobile के Paddle पर ।
एक Lever होता है जो Paddle से जोड़ा हुआ होता है और वो Paddle से Force transmit करता है ।

और जब हम Paddle को Press करते हैं तो Spring compress हो जाती है इस समय engine बिना किसी load के आसानी से move कर पाता है ।

Lever इस तरह से जोड़ा होता है कि जब हम क्लच Paddle को दबाते हैं तो Thrust Bearing आगे की तरफ बढ़ती है और Pressure प्लेट पीछे की तरफ आती है और ये Flywheel से दूर जाती है। इसमें क्लच Plate और Flywheel के बीच में जो Connection होता है वो टूट जाता है और Shaft disengage हो जाती है इस समय हम automobile में आसानी से Gears बदल सकते हैं ।

अब अगर हमको फिर से Shaft को जोड़ना हो तो हम बस जो Paddle है उसको छोड़ देते हैं। इसके बाद जो Springs, Pressure प्लेट से जुड़ी रहती है वो Pressure प्लेट को आगे की तरफ धक्का लगाती है जिससे Shafts फिर से जुड़ जाती है।
क्लच प्लेट Hub पर Pressure प्लेट और फ्लाईव्हील के बीच में लगी हुई रहती है । क्लच प्लेट के दोनों तरफ Friction lining बनी हुई रहती है और ये Torque transmission में मदद करती है।

मल्टी प्लेट क्लच

मल्टीप्लेट क्लच में दो से ज्यादा क्लच प्लेट्स का उपयोग Torque transmission के लिए किया जाता है । मल्टी प्लेट्स क्लच में क्लच प्लेट की संख्या के कारण Friction surface की संख्या बढ़ जाती है ।

क्लच प्लेट की संख्या बढ़ती है तो Friction surface भी बढ़ती है।

मल्टी प्लेट क्लच की Torque transmission क्षमता भी ज्यादा होती है।

मल्टी प्लेट क्लच के कुछ मुख्य Components है जैसे – Separator प्लेट्स , प्रेशर प्लेट्स , diaphragm spring , फ्लाईव्हील , Input shaft आदि.

अक्सर Separator प्लेट्स को क्लच प्लेट्स भी कहते हैं।

मल्टी प्लेट क्लच की Working भी लगभग Single प्लेट क्लच के समान होती है ।
इसमें Input shaft, Flywheel से जुड़ी रहती है और वही Input shaft engine से जुड़ी रहती है। इसका ये मतलब है जब भी Input shaft घूमना प्रारंभ करेगी फ्लाईव्हील भी समान दिशा में घूमेगी ।

दो Pressure प्लेट्स हमेशा विभाजित रहती है एक Separator प्लेट से ।

क्लच का Engagement : – जिस समय क्लच का Engagement होता है उस समय हम Paddle को Press नहीं करते हैं। जिससे जो thrust springs है वो Move नहीं करेगा और Pressure प्लेट के ऊपर Pressure बनाए रखता है। इसमें Pressure प्लेट के अंदर की surface पर Friction lines होती हैं और मल्टी प्लेट क्लच पर जो friction lines होती है इन दोनों के बीच में Frictional contact होता है जिससे एक तरफ से क्लच Plate , Pressure Plate से जुड़ा होता है और दूसरी तरफ से क्लच Plate , Flywheel , के साथ Frictional contact में रहता है।

मल्टी प्लेट क्लच और Flywheel के बीच में जो Frictional force होता है उसी के कारण क्लच engage अवस्था में रहता है।

क्लच का Disengagement : – जब हम क्लच Paddle पर Pressure डालते हैं तब जो Pressure Plate जोड़ी रहती हैं Sleeve से वो बाहर की तरफ Move करती है , जिसकी बजह से ये thrust spring पर Pressure डालता है और ये spring compress हो जाती है और Pressure प्लेट के ऊपर जो Pressure आ रहा था वो release हो जाता है।

जिसकी वजह से Frictional Plate और Pressure Plate के बीच में जो Frictional contact था वो छूट जाता है। और जिसकी वजह से क्लच प्लेट और Flywheel के बीच में Frictional contact भी खत्म हो जाता है।

इस Frictional force के खत्म होने पर Pressure प्लेट , क्लच Plate और Flywheel के बीच में जो Frictional contact होता है वो भी खत्म हो जाता है और Finally क्लच disengage हो जाता है।

मल्टी प्लेट क्लच तीन – प्रकार के होते हैं। –
Spring type मल्टी प्लेट क्लच
Diaphragm type मल्टी प्लेट क्लच
Hydraulic operated और automatic क्लच।

मल्टी प्लेट क्लच, Vehicle में Torque transmission की क्षमता को बढ़ाता है ।
मल्टी प्लेट क्लच में Lubricants का भी उपयोग किया जाता है इसलिए इसको हम wet क्लच भी कहते हैं। मल्टी प्लेट क्लच का उपयोग heavy machinery , military vehicles और Commercial vehicles में भी किया जाता है।

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