Cam shaft | कैम शाफ्ट को crank shaft द्वारा drive मिलती है

Cam shaft

Cam shaft एक सीधी शाफ्ट या रॉड होती है, जिस पर cam लगी होती है ।

Cam shaft

कैम शाफ्ट को crank shaft द्वारा drive मिलती है । कैम शाफ्ट की speed, crank shaft से आधी होती है ।

Cam shaft के कार्य

कैम शाफ्ट का सबसे महत्वपूर्ण एवं प्राथमिक कार्य, टाइमिंग के अनुसार इनलेट वॉल्व एवं एग्ज़ॉस्ट वॉल्व को खोलना एवं बंद करना है । कैम शाफ्ट के द्वारा इंजन के कई पार्ट्स को ड्राइव मिलती है, जैसे कि ऑइल पम्प, फ्युल पम्प एवं डिस्ट्रीब्यूटर ।

Cam shaft का materieal

कैम शाफ्ट एक ही पीस में स्टील को फोर्ज करके बनाई जाती है ।
कैम शाफ्ट को खराब होने से बचाने के लिए इसकी सतह की हार्डनिंग की जाती है ।

Cam shaft की संरचना

कैम शाफ्ट पर इंजन में वॉल्वो की संख्या के अनुसार cam लगे रहते हैं, प्रत्येक वॉल्व के लिए एक cam होती है ।
कैम शाफ्ट में इंजन की फ़ाइरिंग ऑर्डर के अनुसार cam व्यवस्थित रहते हैं ।
कैम शाफ्ट में एक निश्चित क्रम एवं कोण पर cam लगे रहते हैं, ताकि इंजन की फ़ाइरिंग ऑर्डर के अनुसार वॉल्वो को खोला व बंद किया जा सके ।
इंजनों में सामान्यतः एक ही कैम शाफ्ट होती है परन्तु कुछ इंजनों जैसे कि T-head इंजन एवं V-8 इंजनों में एक ही जगह दो कैम शाफ्ट प्रयोग की जाती है ।

Cam shaft

कैम शाफ्ट पर बेयरिंग जनरल लगे होते हैं।
कैम शाफ्ट पर ऑइल पम्प, फ्युल पम्प आदि को चलाने के लिए gear लगा होता है ।
कैम शाफ्ट के एक छोर पर cam shaft gear लगा रहता है, जिसको crank shaft gear से drive मिलती है ।
cam shaft gear के दाँतो की संख्या crank shaft से दुगनी होती है ।

Cam shaft की ड्राइव मैकेनिज्म

कैम शाफ्ट को crank shaft से drive मिलती है ।
Crank shaft के दो चक्कर घूमने पर प्रत्येक वॉल्व एक बार खुलता एवं बंद होता है, इसलिए crank shaft के दो चक्कर घूमने पर कैम शाफ्ट एक चक्कर घूमती है ।
कैम शाफ्ट की speed, crank shaft से आधी होती है ।
Cam shaft को मुख्यतः तीन तरह से ड्राइव दी जाती है :
(1) गियर ड्राइव
(2) चैन ड्राइव
(3) बेल्ट ड्राइव

गियर ड्राइव मैकेनिज्म

Cam shaft

इसका प्रयोग तब किया जाता है जब, कैम शाफ्ट व crank shaft एक दूसरे के अधिक निकट होती है ।
इसमें कैम शाफ्ट व crank shaft एक दूसरे की विपरीत दिशा में घूमती हैं ।
इन्हें सामान दिशा में घुमाने के लिए इनके बीच एक आइडलर गियर का प्रयोग किया जाता है ।

चैन ड्राइव मैकेनिज्म

चैन ड्राइव मैकेनिज्म

इसका प्रयोग तब किया जाता है जब, cam shaft व crank shaft के बीच दूरी अधिक होती है । इसमें चैन स्प्रोकेट द्वारा cam shaft gear को crank shaft gear द्वारा drive दी जाती है ।
इसमें cam shaft व crank shaft समान दिशा में घूमते हैं ।
इसमें चैन को ढीला होने से रोकने के लिए चैन टेंशनर का प्रयोग किया जाता है ।

बेल्ट ड्राइव मैकेनिज्म

बेल्ट ड्राइव मैकेनिज्म

इसका प्रयोग भी तब किया जाता है जब, cam shaft व crank shaft के बीच दूरी अधिक होती है । इसमें बेल्ट द्वारा cam shaft gear को crank shaft gear द्वारा drive दी जाती है ।
इसका प्रयोग अधिकतर ओवर हैड कैम शाफ्ट डिज़ाइन में किया जाता है ।
इसमें cam shaft व crank shaft समान दिशा में घूमते हैं ।
इसमें बेल्ट को ढीला होने से रोकने के लिए टेंशनर का प्रयोग किया जाता है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *