Artificial Intelligence

Artificial Intelligence

इस पृथ्वी पर मनुष्य ही ऐसा जीव है जिसे ईश्वर ने दिमाग देने के साथ उसको सही तरीके से उपयोग करने की कुशलता भी प्रदान की है । मनुष्य अपनी बुद्धि और कुशलता के बल पर आज कहाँ से कहाँ पहुँच गया है । अपनी इस बुद्धि के बल पर मनुष्यों ने कम्प्यूटर, इन्टरनेट, स्मार्टफोन जैसे अन्य और भी आविष्कार किए हैं जिसकी वजह से हम मनुष्यों की जिंदगी को एक नई दिशा मिली है ।

technology के क्षेत्र में मनुष्यों ने इतना विकास कर लिया है की अब मनुष्य की तरह ही सोचने, समझनें और अपने दिमाग का इस्तेमाल करने वाला एक चलता- फिरता मशीन तैयार करने की सोच रहा है । जो बिल्कुल मनुष्यों की तरह कार्य करने की क्षमता रख सकता है । advance technology से बनने वाली उस machine को ही Artificial Intelligence कहा जाता है ।

Artificial Intelligence को हिन्दी में “कृत्रिम बुद्धिमत्ता” कहते है यहाँ कृत्रिम का अर्थ ‘किसी व्यक्ति द्वारा बनाया हुआ’ और बुद्धिमत्ता का अर्थ ‘सोचने की शक्ति’ से है । Artificial Intelligence कम्प्यूटर विज्ञान की एक शाखा है जो ऐसी मशीन को विकशित कर रही है जो मनुष्य की तरह सोच सके और कार्य कर सके ।
जब हम किसी computerized machine को इस तरह तैयार करते हैं की वह मनुष्य की भाँति कार्य कर सके उसे Artificial Intelligence कहते हैं। Intelligence की ताकत अपने आप ही बढ़ती है कुछ देखकर, कुछ सुनकर , कुछ छूकर सोच सके की कैसा व्यवहार करना है ।

कंप्यूटर साइंस के कुछ वैज्ञानिकों ने AI की परिकल्पना दुनिया के सामने रखी थी, जिसमें उन्होने बताया था कि AI Concept द्वारा एक ऐसा कंप्यूटर कंट्रोल्ड रोबोट या सॉफ्टवेयर बनाने की योजना बनाई जा रही है जो इंसानो की तरह सोच सके और किसी समस्या का हल निकाल कर solve कर सके । Artificial Intelligence को परिपूर्ण बनाने के लिए इसके प्रशिक्षण में इसे मशीनों से अनुभव सिखाया जाता है, नए इनपुट के साथ तालमेल बनाने और मानवीय कार्यो को करने के लिए तैयार किया जाता है।

Artificial Intelligence

1950 से ही Artificial intelligence रिसर्च की शुरुवात हुई थी। इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर और स्टोर्ड-प्रोग्राम कंप्यूटर के विकास के साथ ही AI के क्षेत्र में रिसर्च का काम शुरू हुआ। इसके बाद भी कई दशकों तक एक कंप्यूटर किसी ह्यूमन माइंड की तरह सोच या कार्य कर पाए इसकी कोई कड़ी नही जुड़ पायी। आगे चलकर एक खोज जिसने AI के शुरुवाती विकास को बहुत हद तक बढ़ाया वह Norbert Wiener द्वारा बनाई गई थी।

उन्होंने यह सिद्ध किया कि इंसानो के सभी बुद्धिमान व्यवहार प्रतिक्रिया तन्त्र के परिणाम होते है। मॉडर्न AI की दिशा में एक और कदम तब बड़ा जब लॉजिक थेओरिस्ट का निर्माण हुआ। 1955 में Newell और Simon द्वारा डिज़ाइन किया गया यह फर्स्ट AI प्रोग्राम माना जा सकता है।

Artificial Intelligence के जनक

कई शोध के बाद अंततः जिस व्यक्ति ने Artificial intelligence की नींव रखी वह थे AI के जनक John Mc Carthy यह एक अमेरिकन साइंटिस्ट थे। AI के क्षेत्र में और विकास करने के लिए उन्होंने 1956 में एक सम्मेलन “The Dartmouth Summer Research Project on Artificial Intelligence” का आयोजन किया। जिसमे वो सभी लोग भाग ले सकते थे जो machine intelligence में रुचि रखते हो। इस सम्मेलन का मकसद रुचि रखने वाले लोगो की प्रतिभा और विशेषज्ञता को आकर्षित करना था ताकी वह इस काम मे McCarthy की मदद कर सके।

बाद के वर्षों में AI रिसर्च सेंटर का गठन Carnegie Mellon University के साथ-साथ Massachusetts Institute of Technology में हुआ। इसके साथ ही AI को कई चुनोतियों का सामना भी करना पड़ा। पहली चुनौती जो उनके के सामने थी एक ऐसे सिस्टम का निर्माण करना जो बहुत कम खोज करके किसी समस्या को कुशलता से हल कर सके। दूसरी चुनौती ऐसे सिस्टम का निर्माण जो खुद से किसी कार्य को सीख सकता हो। Artificial intelligence के क्षेत्र में पहली सफलता तब मिली जब 1957 में Newell और Simon द्वारा एक जनरल प्रॉब्लम सॉल्वर (G.P.S) नामक नावेल प्रोग्राम बनाया गया।

यह Wiener के फीडबैक सिद्धांत का विस्तार था। इसके जरिये सामान्य ज्ञान की समस्याओं का अधिक से अधिक समाधान किया जा सकता था। AI History में 1958 में John McCarthy द्वारा LISP लैंग्वेज का निर्माण किया गया। इसे जल्द ही कई AI रिसर्चरों द्वारा अपनाया गया था और यह आज भी उपयोग में है।

Artificial Intelligence के उदाहरण

आज AI एक बहुत ही लोकप्रिय विषय है, जिसकी टेक्नोलॉजी और बिज़नेस के क्षेत्रो में काफी चर्चा है। कई विशेषज्ञों और उद्योग के जानकारों का मानना है, की AI या machine learning हमारा भविष्य है। लेकिन अगर हम अपने चारों तरफ देखे तो हम पाएंगे की यह हमारा भविष्य नही बल्कि वर्तमान है। टेक्नोलॉजी के विकास के साथ आज हम किसी न किसी तरीके से Artificial Intelligence से जुड़े हुए है और इसका फायदा भी ले रहे है। यह बात जरूर है कि AI technology अपने पहले चरण में है।

Siri
यह Apple द्वारा पेश किया गया सबसे लोकप्रिय virtual assistant है। हालांकि यह सिर्फ iPhone और iPad में उपलब्ध है। यह AI का सबसे बेहतरीन उदाहरण है, इससे बस आप ‘Hey Siri’ बोलिये और यह आपके लिए मैसेज भेज सकता है, इंटरनेट पर इनफार्मेशन ढूंढ सकता है, फोन कॉल कर सकता है, कोई भी एप्लीकेशन ओपन कर सकता है यहां तक कि टाइमर सेट व कैलेंडर में इवेन्ट सेव करने जैसे कामो में आपकी सहायता कर सकता है।

Siri आपकी भाषा और सवालो को समझने के लिए Machine Learning तकनीक का प्रयोग करती है। यह सबसे अनुकूल वॉइस एक्टिवेटिड कंप्यूटर है। इससे संबंधित डिवाइस Alexa और Google Assistant भी है। जो समान कार्य के लिए ही प्रयोग किये जाते है।

Tesla
केवल Smartphones ही नहीं , बल्कि Automobiles भी Artificial Intelligence की ओर बढ़ रहे है। अगर आप एक कार गीक है, तो आप Tesla के बारे में जानते होंगे। यह अब तक उपलब्ध सबसे बेहतरीन Automobiles में से एक है। Tesla car में न केवल self driving बल्कि उत्पादक क्षमताओं और पूर्ण तकनीकी नवाचार जैसे फीचर उपलब्ध है। ऐसी ही न जाने कितनी self driving car और बन रही है जो आने वाले वक्त में और भी स्मार्ट हो जाएगी।

Google Map
वैसे Google कई क्षेत्र में AI का इस्तेमाल करता है। लेकिन Google map में AI technology का अच्छा इस्तेमाल हुआ है। हमको किसी भी जगह का रास्ता बताने के लिए AI मैपिंग के साथ giant’s technology सड़क जानकारी को स्कैन करती है और अल्गोरिथ्म्स का प्रयोग करके सही रूट को हमे बताती है। अभी Google ने अपनी वॉइस असिस्टेंट में सुधार करके और रियल टाइम में संवर्धित वास्तविकता नक्शे बनाकर अपने google map में Artificial intelligence को और आगे बढ़ाने की योजना बनाई है।

Nest
Nest सबसे प्रसिद्ध और Artificial intelligence स्टार्टअप में से एक था और इसे 2014 में Google द्वारा खरीद लिया गया। नेस्ट लर्निंग थर्मोस्टेट आपके व्यवहार और दिनचर्या के आधार पर एनर्जी को बचाता है। ऐसा करने के लिए यह व्यवहार एल्गोरिदम का उपयोग करता है। यह इतनी इंटेलीजेंट मशीन है, कि सिर्फ एक हफ्ते में ही आपके लिए उपयोगी तापमान का पता लगा लेती है। अगर घर मे कोई न हो तो यह ऊर्जा बचाने के लिए ऑटोमेटिकली टर्न ऑफ हो जाती है।

Echo
Echo को Amazon द्वारा लांच किया गया था। यह एक ऐसा क्रांतिकारी प्रोडक्ट है, जो आपके सवालो के जवाब दे सकता है, आपके लिए ऑडियो-बुक पढ़ सकता है, आपको ट्राफिक और मौसम का हाल बता सकता है, लोकल बिजनेस के बारे में जानकारी उपलब्ध करा सकता है तथा स्पोर्ट्स स्कोर भी प्रदान कर सकता है। Echo में और भी बड़े बदलाव किए जा रहे है जिससे यह नई सुविधाओं को जोड़ता जा रहा है। उम्मीद है, आने वाला वक्त Echo को और भी स्मार्ट बना देगा।

AI के लक्ष्य
निर्णय लेने की शक्ति बढ़ाना ।
कार्य में कुशलता ।
समय की बचत ।

AI तकनीक क्या है
AI तकनीक एक तरीका है, जो व्युत्पन्न ज्ञान का उपयोग करता है। ताकि इसके एरर को करेक्ट करने के लिये संसोधित किया जा सके। AI technique एक सांख्यिकीय और मैथमेटिकल मॉडल के उन्नत रुपों से बने मॉडल है। ये मॉडल कंप्यूटर या मशीन के लिए उन कार्यो की गणना करना सम्भव बनाते है जो मनुष्यों द्वारा किये जाते है इसके कुछ उदाहरण :

आर्टिफीसियल नेचुरल नेटवर्क
हेयरिस्टिक्स
मार्कोव डिसिशन प्रोसेस
नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग.

Types of Artificial Intelligence
इसे दो प्रकार के मुख्य भागों में बांटा जाता है।

पहला भाग
Week AI
Strong AI

दूसरा भाग
Reactive Machines
Self-Awareness
Limited Memory
Theory of Mind

AI के अनुप्रयोग

AI महत्वपूर्ण है क्योंकि यह विभिन्न उधोगों जैसे मनोरजंन, शिक्षा, स्वास्थ्य, वाणिज्य, परिवहन और उपयोगिताओं में कठिन मुद्दों को हल करने में मदद कर सकता है। AI अनुप्रयोग को पांच श्रेणियों में बांटा जा सकता है।

(1) ज्ञान – दुनिया के बारे में जानकारी प्रस्तुत करने की क्षमता। जैसे वित्तीय बाजार व्यापार, खरीद भविष्यवाणी, धोखाधड़ी की रोकथाम, दवा निर्माण, चिकित्सा निदान, मीडिया की सिफारिश इत्यादि।

(2) विचार – तर्क कटौती के माध्यम से समस्याओं का हल करने की क्षमता। जैसे वित्तीय परिसम्पत्ति प्रबन्धन, कानूनी मूल्यांकन, वितीय अनुप्रयोग प्रसंस्करण, स्वायत्त हतियार प्रणाली, खेल इत्यादि।

(3) संचार – बोले जाने वाली और लिखित भाषा को समझने की क्षमता। जैसे बोले जाने वाली और लिखित भाषाओं का वास्तविक समय अनुवाद, वास्तविक समय प्रतिलेखन, बुद्धिमान सहायक, आवाज नियंत्रण इत्यादि।

(4) योजना – लक्ष्य निर्धारित करने और प्राप्त करने की क्षमता। जैसे सूची प्रबंधन, भाग पूर्वानुमान, भविष्य कहने वाला रखरखाव, भौतिक और डिजिटल नेटवर्क अनुकूलन, नेविगेशन इत्यादि।

(5) अनुभूति – ध्वनियों, चित्रो और अन्य संवेदी आदानों के माध्यम से दुनिया के बारे में चीजों का अनुमान लगाने की क्षमता। जैसे चिकित्सा निदान, स्वायत्त वाहन, निगरानी इत्यादि।

AI के फायदे

AI की ऊर्जा दक्षता एक मॉडर्न मशीन या लर्निंग मशीन में 2 वाट्स होती है।

AI, Error को कम करने में हमारी मदद करता है और अधिक accuracy के साथ सटीकता हाशिल करने की सम्भावना बढ़ जाती है ।
AI का उपयोग करने से तेजी से निर्णय लेने और जल्दी से कार्य करने में सहायता मिलती है ।

मनुष्यों के विपरीत मशीनों को आराम की आवश्यकता नहीं होती । वो लम्बे समय तक काम करने के काबिल होते हैं और न तो ऊबते है न विचलित होते है और न ही थकते है ।

AI के मदद से संचार, रक्षा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और कृषि आदि क्षेत्रों में बड़ा बदलाव आ सकता है ।

AI के नुकसान

Artificial Intelligence इंसानो के लिए कितनी फायदेमंद होगी यह तो आने वाला भविष्य ही बताएगा । लेकिन इसके नुकसान निम्न हो सकते है-

कई साइंटिस्ट्स का मानना है कि टेक्नोलॉजी में इस तरह के डेवलपमेंट मशीनो को सुपर इंटेलिजेंस तो बना सकते है जो आगे चलकर मानव अस्तित्व के अन्त का कारण बनेगा ।

सोचने ,समझने वाले रोबोट्स अगर किसी कारण या परिस्थिती में मनुष्य को अपना दुश्मन मानने लगे तो मानवता के लिए खतरा पैदा हो सकता है ।

AI मनुष्यों के स्थान पर काम करेंगी और मशीनें स्वयम ही निर्णय लेने लगेंगी और उस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो इससे मनुष्य के लिए खतरा भी उत्पन्न हो सकता है ।

बेरोजगारी ।

भारी लागत ।

Conclusion
AI एक्सपर्ट का मानना है कि AI भविष्य में कुछ भी करने में सक्षम होगा । यह किसी भी काम को इंसानो से बेहतर कर पायेगा । ये तो आने वाला भविष्य ही बताएगा ।

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